पानीपत/बापौली/सनौली। तामशाबाद गांव के पास यमुना में डूबे चार बच्चों को निकालने में प्रशासन और पुलिस फेल नजर आई। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी तस्कर यमुना को खोदकर रेत चोरी कर गहरे कुंड बना गए और हादसे के बाद गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर सनौली थाना में खड़ी सरकारी बोट भी चार घंटे बाद पहुंची। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के पास भी पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट नहीं थी। वहीं एक बड़ी लापरवाही भी इसमें सामने आई। जमातियों को एक बुजुर्ग ने यमुना में बने गहरे कुंड के बारे में आगाह किया था, लेकिन उनके साथ आए तबलीगी ने उन्हें नहाने दिया। वे एक बार नहाकर बाहर निकल गए थे, लेकिन इनमें से एक जमाती ने तैरना आने की बात कहकर फिर से छलांग लगा दी। चार जमाती उसे के लिए कूद गए। इनमें से एक पहले ही लघुशंका के चलते बाहर रह गया। पांच में से एक को बचा लिया गया, लेकिन बाकी के चार देखते-देखते गहरे कुंड में डूब गए। इनमें से दो देर रात तक यमुना में तलाश जारी रही। अंधेरा होने के चलते बचाव कार्य में बाधा आई।
ग्रामीण प्रेम फोर ने बताया कि तामशाबाद गांव यमुना से सटा है। मैं सुबह भैंसों को यमुना किनारे पानी पिलाने लेकर गया था। यमुना किनारे छह बच्चे और उनके साथ एक व्यक्ति मिला। बच्चे यमुना में नहाने की तैयारी कर रहे थे। मैंने उन्हें गहरे कुंड के बारे में बताया और यहां न नहाने की सलाह दी। इस पर तबलीगी ने नाराजगी जताई और बच्चों को नहाने के लिए कहने लगा। बच्चे एक बार नहाकर बाहर आ गए थे, लेकिन अगले ही पल एक लड़का यमुना में कूद गया। वह डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए चार लड़के कूद गए, जबकि एक बाहर खड़ा था। तबलीगी ने हाथ बढ़ाकर एक को बचा लिया, लेकिन समीर, सैफ अली, वादिल और समीर-झांबा कुछ ही पल में डूब गए। उसने ग्रामीणों को आवाज लगाई, लेकिन तब तक किसी का पता नहीं चला।
गुजरात के हिम्मतनगर जिले से मौलबी तबलीगी आबिक, लुकमान और नोमान चार महीने से जमात के लिए आए हैं। वे यहां बच्चों की तीन-तीन दिन की जमात लगा रहे हैं। सनौली व आसपास के कई गांवों के बच्चों की तीन दिवसीय जमात चल रही थी। बृहस्पतिवार शाम को इसका समापन होना था। तबलीगी आबिक जमात में आए छह बच्चों के साथ यमुना किनारे सैर करने गया था। इसी समय सुबह करीब आठ बजे हादसा हो गया। नायब तहसीलदार बापौली कैलाशचंद्र और सनौली खुुर्द थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस की बोट करीब चार घंटे बाद मौके पर पहुंची। समीर और सैफ अली के शव मिल गए, लेकिन वादिल और समीर-झांबा की तलाश देर रात तक जारी रही। जालपाड़ गांव निवासी वादिल पुत्र यामीन, शैफ अली पुत्र महमूद व समीर पुत्र मुस्तकीम, गांव झांबा निवासी आमीर उर्फ अमन पुत्र गुलशेर और सनौली निवासी अमन पुत्र यूनुफ दो दिन पहले तबलीगी जमात में आए थे। जालपाड़ गांव के तीनों बच्चे वादिल, शैफअली व समीर 10वीं कक्षा और झांबा गांव का आमीर और सनौली का अमन 11वीं कक्षा में पढ़ते हैं।
इधर मौलवी आकिब ने सफाई दी कि उन्होंने बच्चों को यमुना में नहाने से मना किया था। बच्चे यमुना के तटबंध तक घूमने की बात कहकर गए थे। यमुना में पहले आमीर ने छलांग लगाई और बाकी बच्चे भी यमुना में नहाने के लिए पानी में उतर गए। वह बच्चों को देखने के लिए तटबंध की तरफ आया था। उसने अमन पुत्र यूनुफ को बाहर निकाल लिया, लेकिन बाकी चार बच्चे डूब गए। समीर का शव सुबह करीब नौ और सैफ अली का शव दोपहर बाद दो बजे गोताखोरों ने निकाला। आमिर व वादिल की यमुना में तलाश की जा रही है। जमात के इंचार्ज हाफिज लुकमान है। वह बृहस्पतिवार को सुबह किसी से मिलने गांव में गए थे।
मृतक समीर तीन भाई-बहन में दूसरे नंबर का था। उसकी मौत की सूचना मिलती मां सलमा बेसुध हो गई। बापौली राजकीय स्कूल की 10वीं कक्षा का छात्र सैफ अली तीन भाई और एक बहन में सबसे छोटा था। पिता महबूब मजदूरी करते हैं। वादिल पुत्र यामिन 10वी कक्षा में पढ़ता है। वह तीन भाई और दो बहन हैं। सबसे छोटी बहन से बड़ा है। पिता यामिन मजदूरी करते हैं। समीर पुत्र मुस्तकीम राजकीय सीसे स्कूल उग्राखेड़ी में पढ़ता है। वे तीन भाई और एक बहन हैं। वह बड़े भाई से दूसरे नंबर पर है। झांबा गांव निवासी आमिर पुत्र गुलसेर राजकीय स्कूल सनौली खुर्द की 10वीं कक्षा में पढ़ता है। वे दो भाई और एक बहन में बीच वाला है। पिता मजदूरी करते हैं।
झांबा गांव निवासी गुलशेर ने बताया कि उसका बेटा आमिर पहले जमात में जाने से मना कर रहा था, लेकिन बाद में वह जाने के लिए तैयार हो गया। उन्हें क्या पता था कि वह जमात में जाने के बाद लौट कर नहीं आएगा। उसने बताया कि वह दो बेटों में से दूसरे नंबर का है, जबकि एक अन्य बेटी छोटी है और उसकी पत्नी बीमार रहती है।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि यमुना के साथ चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। यमुना खुली होने के चलते लोग कही भी नहाने लगते हैं। यहां तारबंदी भी नहीं की जा सकती। सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची है। उसके पास लाइफ जैकेट है।