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Panipat News: नाम प्ले स्कूल का पांचवीं तक पढ़ा रहे बच्चे

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पानीपत। शहर के कुछ क्षेत्राें में प्ले स्कूल के नाम पर पांचवीं कक्षा तक बच्चे पढ़ाए जा रहे हैं। वहीं कुछ गैर-सरकारी संगठन व फाउंडेशन रेमेडियल क्लासेज के नाम पर नियमित विद्यालयी समय में पूर्णकालिक विद्यालय संचालित कर रहे हैं। शहर में ही इस तरह के करीब 450 स्कूल संचालित हैं। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को आरटीई का उल्लंघन माना है। शिक्षा निदेशालय ने ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने भी ऐसे स्कूलों की तलाश कर उन पर कार्रवाई के लिए टीम गठित की है।
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शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके लिए प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। इसमें अवैध रूप से संचालित निजी स्कूल बाधा बन रहे हैं। विभाग ने सत्र शुरू होते ही 183 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची जारी कर चुका है। इसके बाद आरटीई का उल्लंघन करने पर 198 स्कूलों को नोटिस दिए जा चुके हैं। शिक्षा निदेशालय ने प्रवेश उत्सव की शुक्रवार को समीक्षा की। जिसमें गैर मान्यता प्राप्त और दूसरे अवैध स्कूल की बात सामने आई। शिक्ष निदेशालय ने बैठक के दौरान ही ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए। निदेशालय के अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा का अधिकार ( आरटीई ) का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।

बॉक्स
विद्यालयी समय में नहीं चला सकते शैक्षणिक गतिविधियां
प्ले स्कूल में पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को नामांकित करना और कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई कराना अवैध है। रेमेडियल कक्षाएं यदि स्कूल समय में नियमित विद्यालय के रूप में चलाई जा रही हैं तो यह भी अस्वीकृत है। क्योंकि कोई भी एनजीओ, बिना विभागीय स्वीकृति के विद्यालयी समय में शैक्षणिक गतिविधियां नहीं चला सकती। इन्हें तुरंत बंद किया जाए। ऐसे सभी विद्यार्थी जो गैर-मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ते है उन्हें निकटतम सरकारी स्कूलों में प्रवेश देना अनिवार्य है। चाहे उसमें प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी हो।
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वर्जन :
प्ले स्कूल और रेमेडियल कक्षा की जांच कर खंड स्तर पर सूची तैयार की जाएगी। जिले में क्लस्टर स्तर पर इनके लिए निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी क्लस्टर में ऐसी गतिविधियां मिलती हैं तो क्लस्टर प्रभारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई जाएगी।
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राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी।
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