जासूसी प्रकरण-
- करीब 80 दिन तक चली तफ्तीश के बाद पुलिस ने अदालत में दाखिल की 1600 पेज की चार्जशीट
- इकबाल काना से व्हाट्सएप पर संपर्क में था नोमान, इकबाल भारतीय नंबर से करता था बात
- 13 जुलाई को नोमान इलाही को सीआईए की टीम ने किया था गिरफ्तार
दीपेन्द्र कुमार
पानीपत। जासूसी करने का आरोपी कैराना का नोमान इलाही पाकिस्तान में बैठे इकबाल काना से लगातार संपर्क में रहा। वह फोन पर व व्हाट्सएप के माध्यम भी बात करता था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने सक्रियता बढ़ा दी थी। पुलिस ने यह सब अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा है। करीब 80 दिन तक चली तफ्तीश के बाद पुलिस ने नोमान इलाही के खिलाफ करीब 1600 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी।
चार्जशीट में पुलिस ने नोमान के खिलाफ कई डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं जिनमें पाकिस्तानी हैंडलर्स इकबाल के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैटिंग सबसे अहम सबूत हैं। इकबाल काना जिस नंबर से नोमान से बात करता था वह भारतीय पते पर लिया गया है। पुलिस ने उसकी डिटेल खंगाली तो लोकेशन पाकिस्तान के कराची शहर में मिली थी। सुरक्षा एजेंसियों ने भी कैराना के इकबाल काना की रिपोर्ट पानीपत पुलिस को सौंपी थी। साथ ही पुलिस ने बैंक डिटेल और पूछताछ में सामने आए तथ्यों को भी आरोपपत्र में शामिल किया है।
13 जुलाई को सीआईए-1 की टीम ने पानीपत के सेक्टर-29 थाना क्षेत्र से यूपी के शामली जिले के कैराना कस्बे के बेगमपुरा निवासी नोमान इलाही को गिरफ्तार किया था। नोमान पर शक था कि वह पाकिस्तानी एजेंट इकबाल काना और अन्य के संपर्क में है और सैन्य गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान को भेज रहा है। इसके बाद पुलिस ने नोमान को रिमांड पर लेकर 10 दिन तक गहन पूछताछ की थी। उसके खिलाफ साक्ष्य जुटाए थे। पूछताछ में नोमान ने कई अहम जानकारी पुलिस को दी थी जिसमें उसने इकबाल काना के संपर्क में होने की बात स्वीकार की थी। साथ ही यह भी बताया था कि ऑपरेशन सिंदूर के समय इकबाल ने उससे सेना की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मांगी थी। नोमान ने कुछ फोटो इकबाल को भेजे थे जिसके लिए उसे पैसे भी मिले थे।
24 मई को पुलिस ने नोमान को जेल भेज दिया था। इसके बाद उसके खिलाफ साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए थे। नोमान के कब्जे से मिले दस्तावेजों की जांच और उसके मोबाइल की डिटेल खंगाली गई थी। नोमान पाकिस्तानी हैंडलर्स इकबाल काना के संपर्क में था। उससे बात करता था। पुलिस ने आईबी के अधिकारियों से इकबाल काना की रिपोर्ट ली थी। आईबी ने अपनी रिपोर्ट में इकबाल के देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की जानकारी दी थी। जिसके बाद नोमान का उससे संपर्क होना पुलिस ने अहम सबूत माना है।
जिस नंबर पर इकबाल काना बात करता था। उसकी डिटेल भी पुलिस ने आरोपपत्र में शामिल की है। जिन खातों में नोमान ने पैसे मंगवाए थे उन्हें भी इस केस में गवाह बनाया गया है। पुलिस ने नोमान के जीजा-बहन समेत करीब 60 लोगों के बयान दर्ज किए थे। नोमान के बैंक खातों की डिटेल और अन्य दस्तावेजों क को भी साक्ष्य बनाया गया है। सभी साक्ष्यों को ई-साक्ष्य एप पर अपलोड किया है।
चार्जशीट के अहम तथ्य-
-देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त इकबाल काना से बार-बार बातचीत करना।
-इकबाल काना द्वारा नोमान से सैन्य गतिविधियों की जानकारी मांगना।
-मोबाइल की कॉल डिटेल, ऑडियो रिकॉर्डिंग।
-पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई पूछताछ में सामने आए तथ्य।
कुछ महत्वपूर्ण तारीख-
-13 मई को नोमान को किया गया गिरफ्तार, औद्योगिक थाना सेक्टर-29 में केस दर्ज।
-14 को सात दिन की कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की। मोबाइल जांच के लिए भेजा।
-16 मई को पुलिस नोमान को कैराना के बेगमपुर स्थित घर पर लेकर पहुंची और छह पासपोर्ट समेत दस्तावेज बरामद किए।
-19 मई को नोमान के जीजा इरफान के घर से दो और मोबाइल फोन बरामद कर जांच के लिए भेजे गए।
-19 मई को ही पहले भेजे गए उसके मोबाइल फोन की डिटेल पुलिस को मिली।
- 20 मई को दोबारा से अदालत में पेश कर उसका रिमांड चार दिन के लिए बढ़ाया गया।
-24 मई को नोमान को अदालत में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोपी नोमान इलाही के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया है। अब इस केस की सशक्त पैरवी कर उसे जल्द सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
-सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय