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Panipat News: दिवाली पर घर जाने की खुशी कुछ देर बाद ही चीख पुकार में बदली

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समालखा। दिवाली व छठ पर्व अपनों के साथ मनाने की खुशी कई दिन से मन में थी। बुधवार को वह दिन भी आ गया। पानीपत से बस मिली तो भीड़ ज्यादा थी। अपनों से मिलने की खुशी में भीड़ में सफर करने को तैयार हो गया। पानीपत से बस जीटी रोड पर चली तो कुछ भीड़ में दम घुटने लगा। लेकिन घर जाने की चाहत में इन सब परेशानियों को सहन कर लिया। समालखा फ्लाईओवर से कुछ पहले बस पहुंची तो धुआं उठने लगा। उसने चिल्लाकर आग लगने की बात कही। चालक ने उनकी नहीं सुनी। कुछ ही देर में आग तेज हो गई। उसने निकलना भी चाहा। लेकिन वह नहीं निकल पाया।
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यह आपबीती झुलसे लखीमपुर खीरी निवासी धनवीर, मयंक, पिंटू व हरीश ने समालखा अस्पताल में बताई। उन्होंने बताया कि वे पानीपत अलग-अलग फैक्ट्रियों में काम करते हैं। वहीं किराये पर कमरा लेकर रह रहे हैं। लंबे समय से घर नहीं जा पाए थे। ऐसे में पानीपत ने लखीमपुर खीरी अपने घर जाना था। यहां से सीधी रेल नहीं है। वह दिवाली अपने परिवार के साथ मनाना चाहते थे। इस खुशी में पहले ही तैयारी पूरी कर ली थी। परिवार के सदस्यों के लिए कपड़े और उपहार भी लिए थे। उनको घर जाने का चाव था। पानीपत से लखीमपुर खीरी की सीधी रेल नहीं थी। दूसरी रेल में टिकट आरक्षित नहीं हो पाई थी। उन्होंने बसों में ही जाने का मन बनाया। बुधवार शाम को बस रवाना होने के 15 मिनट बाद ही सारी खुशी चीख पुकार में बदल गई। बच्चों व महिलाओं को बाहर निकालने लगे तो अपना ध्यान नहीं रहा। बस में आग बढ़ती देख एक बार तो अपनी जान जाती दिखाई देने लगी थी। राहगीर नहीं होते तो अनहोनी हो जाती। उनका सामान और जमा पूंजी भी जल गई।

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देर रात तक कोई संभालने वाला नहीं
यात्री बस में लगी आग से बचने के बाद जीटी रोड किनारे बैठ गए। उन्होंने अपनों से बात करने का प्रयास किया तो उनके मोबाइल भी जल गए थे। वहीं कपड़े भी आग में जलने से उनके पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था। कुछ यात्रियों ने राहगीरों के मोबाइल से अपनों से बात की और अपनी सलामती के बारे में बताया। यात्री राधा और आरती ने बताया कि उनको दूसरी बस नहीं मिल पा रही है। वे सड़क किनारे रात काटने को मजबूर हो रहे हैं। चालक व परिचालक या फिर ट्रांसपोर्टर उनके बारे में पूछने भी नहीं आए हैं।
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डेढ़ घंटे तक रही जाम की स्थिति
जीटी रोड फ्लाईओवर पर बुधवार शाम करीब छह बजे बस में आग लगी थी। इसके साथ जीटी रोड की पानीपत-दिल्ली लेन पर वाहनों के पहिये थम गए थे। पुलिस ने फ्लाईओवर के नीचे से वाहनों को डायवर्ट किया। लेकिन नीचे पहले ही वाहनों के अधिक होने के चलते जाम और बढ़ गया। पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद जीटी रोड पर वाहनों को सामान्य किया।


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शहर में अवैध रूप भरकर चल रही बसें
कुछ ट्रांसपोर्टर जीटी रोड एलिवेटेड हाईवे के नीचे और औद्योगिक सेक्टर में बसों को उत्तर प्रदेश और बिहार तक ले जाते हैं। लोगों को बसों में सुविधा देने की बात करते हैं और फिर मनमर्जी से ठूस देते हैं। लोग भी मजबूरी में कुछ नहीं बोलते। सीएम फ्लाइंग की टीम ने एक-दो बार इस तरह की बसों का भंडाफोड़ भी किया। लेकिन फिर वहीं स्थिति बन गई। हर रोज करीब 50 बस इस तरह से उत्तर प्रदेश और बिहार जा रही हैं। ये बसें शाम ढलने पर पानीपत व अन्य स्थानों से चलती हैं।
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