माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पानीपत की ऐतिहासिक धरा मंगलवार को दशहरे पर अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय की गवाह बनी। विजयादशमी के पर शहर के पांच प्रमुख विशाल मैदानों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के गगनचुंबी पुतलों का दहन किया गया। शहर के सेक्टर-13-17 में दशहरा कमेटी बरसत रोड द्वारा इस बार बार पुतलों का दहन किया। कमेटी ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ खर और दूषण के पुतलों को भी शामिल किया। इसके साथ रावण की लंका का दहन किया। रावण के पुतलों की अस्थि रूपी लकड़ी उठाने की होड़ में तीन लोगों के हाथ झुलस गए और दो के सिर में बांस लग गया। उनको वहीं पर प्राथमिक उपचार दिया गया।
दशहरा आयोजन स्थलों पर मंगलवार को सुबह रावण की पूजा की। दोपहर बाद ही हनुमान स्वरूप और राम रथ पर सवार होकर पहुंचे। राम ने अग्निबाणों के साथ अहंकार के प्रतीक रावण के पुतलों को साधना शुरू कर दिया। पूरे आयोजन स्थल जयकारों से गूंज उठा और कुछ ही पलों में विशालकाय पुतले धू-धू कर जल उठे। इस अलौकिक और भव्य क्षण का साक्षी बनने के लिए शहर और आसपास के ग्रामीण अंचलों से लाखों की तादाद में श्रद्धालु सपरिवार आयोजन स्थलों पर पहुंचे। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा, सीसीटीवी कैमरे, मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड और यातायात नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
सेक्टर 13-17: पहली बार खर और दूषण के पुतले फूंके, उमड़ा लाखों का हुजूम
बरसत रोड स्थित श्री राम दशहरा कमेटी द्वारा सेक्टर 13-17 के विशाल मैदान में विजयदशमी महोत्सव भव्यता के साथ मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रावण परिवार के पारंपरिक पुतलों के अलावा पहली बार खर और दूषण के अलग पुतलों का दहन रहा। मैदान में 70 फीट ऊंचे रावण और 60-60 फीट ऊंचे कुंभकर्ण, मेघनाद, खर और दूषण के पुतलों के साथ भव्य लंका दहन किया गया। श्रीराम सेवा दल (नूरवाला) द्वारा प्रस्तुत प्रभु राम, माता सीता और लक्ष्मण की मनमोहक झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इससे पहले गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने रावण का पूजन कराया। दहन में मुख्यातिथि शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, मेयर कोमल सैनी, वरिष्ठ भाजपा नेता हरपाल ढांडा, पुलिस अधीक्षक मेघा भूषण, नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज, पंजाबी सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक मेहता, अतुल मित्तल, नितेश मित्तल, नवीन कुमार कुंडू, जगदीश जैन, मुकेश दुटेजा, सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा, प्रियंका चुघ, गुरु हाजी साधना किन्नर विशिष्ट अतिथि रहे। कमेटी के प्रधान भीम सचदेवा, हरबंस आनंद, भूषण आनंद, मीडिया प्रभारी सुनील थम्मन और हरीश अरोड़ा ने अतिथियों का स्वागत किया।
100 फुट का इको-फ्रेंडली रावण धू-धू कर जला, मन्नत पोटली बनी आकर्षण
दशहरा कमेटी सनौली रोड द्वारा हुडा सेक्टर-25 (मित्तल मेगा मॉल के पास) में दशहरा उत्सव आयोजित किया गया। 100 फुट ऊंचे रावण का भव्य पुतला स्थापित किया गया था। पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बने इन पुतलों के दहन से वातावरण में सात्विकता का अहसास हुआ। प्रातःकाल से ही हजारों श्रद्धालुओं ने रावण के समक्ष मन्नतें मांगी और अपनी अरदासें श्रीराम मन्नत पोटली के माध्यम बॉक्स में डाली। समिति के प्रधान रमेश माटा ने बताया कि इन मन्नत पोटलियों को ब्राह्मणों द्वारा वैदिक विधि-विधान से अयोध्या धाम में राम के चरणों में समर्पित किया जाएगा। मुख्यातिथि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया, कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, विधायक प्रमोद विज, मेयर कोमल सैनी, उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ, एसपी मेधा भूषण, ओपी माटा रहे।
शिवाजी स्टेडियम में 700 हनुमान स्वरूपों के साथ शाम को किया दहन
श्री सनातन धर्म रामलीला सभा मॉडल टाउन द्वारा शिवाजी स्टेडियम में दशहरा महोत्सव आयोजित किया गया। सुबह विधि-विधान से राम, माता सीता, लक्ष्मण व हनुमान का पूजन कर मंगल कामना की। दोपहर बाद श्री सायंकाल लैया सभा और द ड्रामेटिक रामलीला क्लब (गुरुनानकपुरा) की आकर्षक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। मैदान में लगभग 700 सज-धजकर पहुंचे हनुमान स्वरूप गदा धारण कर मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। स्टेडियम में 80 फीट ऊंचा रावण और 75-75 फुट के मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया। राम के दिव्य स्वरूपों ने अग्निबाण छोड़कर पुतलों का दहन किया। विशिष्ट अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया, पानीपत शहर के विधायक प्रमोद विज और अंजू भाटिया रही। सभा के प्रधान तरुण गांधी ने बताया कि आयोजन सबके सहयोग से सफल रहा है।
श्री कृष्णा क्लब में राम बाण से दहके 90 फीट के दशानन और 85-85 फीट के पुतले
श्री कृष्णा क्लब द्वारा सेक्टर-24 स्थित दशहरा ग्राउंड में आयोजित दशहरा मेला भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। क्लब द्वारा 90 फीट ऊंचे रावण और 85-85 फीट ऊंचे कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले खड़े किए गए थे। सुबह आठ बजे गणेश वंदना, दोपहर तीन बजे गणेश स्वरूप दर्शन और शाम को सामूहिक प्रार्थना के बाद मंच पर प्रभु राम के दर्शन हुए। जैसे ही भगवान श्रीराम का बाण पुतलों तक पहुंचा, आतिशबाजी और रोशनी के बीच तीनों पुतले जल उठे और पूरा मैदान जयकारों से गूंज उठा। वरिष्ठ पदाधिकारी अजय सिंगला, प्रधान वीरेंद्र गुप्ता, विजय जैन, नवीन भाटिया, एसपी बंसल, ईश्वर गोयल ने अतिथियों का स्वागत किया।
प्राचीन देवी मंदिर में राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद किया दहन
श्री राम दशहरा कमेटी देवी मंदिर द्वारा प्राचीन देवी मंदिर परिसर में विजयादशमी उत्सव पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। यहां 80 फीट ऊंचे रावण तथा 75-75 फीट ऊंचे कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले तैयार किए गए थे। पुतला दहन से पूर्व मंच पर कलाकारों द्वारा प्रभु राम और रावण के बीच हुए भीषण युद्ध का जीवंत मंचन दिखाया। इसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इसके बाद मंच से ही पुतलों पर अग्निबाण छोड़े गए। पुतले धू-धू कर जल उठे। मंदिर परिसर में दिनभर प्रार्थना सभाओं और दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर समिति के प्रधान आदर्श गुप्ता ने बताया कि सबके सहयोग से आयोजन सफल रहा है।