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Panipat News: पिता को मजबूरीवश बेटे को ओपीडी से एक्सरे रूम तक गोद में उठाकर ले जाना पड़ा

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अव्यवस्था का जिम्मेदार कौन, जिला नागरिक अस्पताल में व्हीलचेयर नहीं मिलने के कारण बच्चे को गोद म
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पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं और बेहतर प्रबंधों के दावों की सोमवार को एक बार फिर हवा निकल गई। बारिश के बाद बढ़े मच्छरों के प्रकोप के चलते अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ रही है, लेकिन मरीजों को न तो समय पर इलाज मिल पा रहा है और न ही बुनियादी सुविधाएं। बदहाली का आलम यह रहा कि एक बेबस पिता को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर न मिलने के कारण अपने बीमार बेटे को ओपीडी से एक्सरे रूम तक मजबूरीवश गोद में उठाकर ले जाना पड़ा। पीड़ित पिता ने अस्पताल प्रबंधन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मरीजों के लिए यहां पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए।
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सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में अचानक मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 1750 तक पहुंच गई। इसके चलते पर्ची काउंटर से लेकर डॉक्टरों के चैंबर के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। मरीजों को चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। भीड़ बढ़ने के कारण अस्पताल की लैब में भी खून की जांच कराने वाले मामलों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे वहां भी अफरा-तफरी का माहौल रहा।

बाॅक्स

परेशानी मरीजों की जुबानी

केस 1: एक घंटे लाइन में लगा, दवा बाहर की मिली

मुझे पथरी की बीमारी है। इलाज के लिए सुबह आठ बजे ही अस्पताल आ गया था। करीब एक घंटा लाइन में लगने के बाद पर्ची मिली, फिर डॉक्टर को दिखाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर ने जो दवाइयां लिखकर दीं, उनमें से सरकारी काउंटर से केवल दो ही मिल पाईं। बाकी दवा बाहर से लेने को बोल दिया गया।
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दुर्गेश, निवासी संजय कॉलोनी।


केस 2 :
दो घंटे चक्कर काटने के बाद भी नहीं मिली दवा

मेरे दांत में पिछले कई दिनों से असहनीय दर्द है। जिला नागरिक अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने दवा लिख दीं। लेकिन अस्पताल में करीब दो घंटे तक इधर-उधर चक्कर काटने के बाद भी मुझे दवाइयां नहीं मिल सकीं। मजबूरी में बाहर से अतिरिक्त पैसे लगाकर दवाइयां खरीदनी पड़ीं।
हरिकेश, निवासी नूरवाला।

वर्जन:
अस्पताल में मरीजों को हर संभव स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की कोई कमी नहीं है, लेकिन कई बार मरीज जल्दबाजी के चक्कर में स्वयं इनका प्रयोग नहीं कर पाते हैं। दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।
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डॉ. विजय मलिक, सीएमओ, पानीपत।
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