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स्कूल पहुंचे बच्चों के खिल गए चेहरे

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पानीपत। राजकिय स्कूल तहसील कैंप में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बच्चों को पढ़ाती हुई अध्य? - फोटो : Panipat
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पानीपत। कोरोना की वजह से बंद छठी से आठवीं तक स्कूल भी शुक्रवार को शुरू कर दिए गए। जो बच्चे स्कूल पहुंचे, उनके चेहरे खिले दिखाई दिए। सरकारी स्कूलों के इतर निजी स्कूल इक्का दुक्का ही खोले गए। ये सोमवार से छठी से आठवीं तक कक्षाएं स्कूलों में लगाएंगे। सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करने के लिए सरकारी स्कूलों में दो शिफ्टों में कक्षाएं लगाई गईं, हालांकि पहले दिन महज 20 फीसदी ही विद्यार्थी आए। उम्मीद है कि सोमवार से विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी।
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अब जिले में छठी से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं स्कूलों में शुरू कर दी गई है। कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए कुछ स्कूलों में दोनों शिफ्ट के लिए एक ही सेफ्टी टीम बनाई गई, जबकि कुछ में दोनों शिफ्टों के लिए अलग-अलग सेफ्टी टीम थी। छठी से आठवीं के विद्यार्थी पानी पीने बाहर नहीं जा सकें, घर से ही पानी की बोतल लेकर आए। माता-पिता की लिखित अनुमति के बाद ही विद्यार्थियों स्कूल में प्रवेश दिया गया। वहीं पहले दिन बिना अनुमति के आए हुए विद्यार्थियों को लौटा दिया गया।
सरकारी स्कूलों में कमरे कम होने के कारण दो शिफ्टों में उनकी कक्षाएं लगाई जा रही हैं। 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को सुबह साढे नौ से साढे 12 बजे तक कक्षाएं लग रही हैं तो छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों की दोपहर एक से चार बजे तक कक्षा लगाई जा रही है। सरकारी स्कूलों में पहले ही कमरों की संख्या कम है, कोरोना महामारी में सोशल डिस्टेंसिंग से बैठाने के लिए दो शिफ्टों में पढ़ाई को लागू किया गया है।
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विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षा भी ले सकेंगे
नौवीं से 12वीं के विद्यार्थी की तरह ही छठी से आठवीं तक के विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षा भी ले सकेंगे। ऑनलाइन कक्षाओं को बंद नहीं किया गया है। जिन बच्चों को स्कूल में आकर कक्षाएं नहीं लेनी है, वे घर पर रहकर ऑनलाइन कक्षाएं ले सकते हैं।
एसडीवीएम सिटी में लगीं छठी से 8वीं तक ऑफलाइन कक्षाएं
एसडीवीएम सिटी पब्लिक स्कूल में कक्षा छठीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू की गईं। डीओ के निर्देशानुसार विद्यालय में आने वाले सभी बच्चों का ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल और तापमान चेक किया गया। सैनेटाइजेशन की पूरी व्यवस्था की गई। जिन बच्चों के पास मास्क नहीं थे, उन्हें मास्क दिए गए। उचित दूरी के नियमों का पालन करते हुए सभी विद्यार्थियों को अलग-अलग सीट पर बैठाया गया और उनकी सीट पर नाम का टैग लगाया गया ताकि वे प्रतिदिन अपने निश्चित स्थान पर आकर बैठ सकें। प्रधानाचार्या मीनाक्षी श्रॉफ ने सभी बच्चों को नियमों में रहकर अपनी पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
तीन महीने बाद स्कूल आकर अच्छा लगा। स्कूल में मास्क व सैनिटाइजर के लगातार प्रयोग से अब महामारी से भी डर नहीं लग रहा। - शरणदेव
सरकार के निर्देशानुसार हम अपने अभिभावकों से अनुमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाने के बाद भी स्कूल में क्लास लगा पा रहे है। - ममता रानी
स्कूल में आकर अच्छे से समझ आ रहा है। पहले की तरह अब हम स्कूल में रहकर पढ़ाई के दौरान ही अपने डाउट क्लियर कर पा रहे है। -किरन
ऑनलाइन क्लास में कई बार गणित व विज्ञान समझने में दिक्कत होती थी, लेकिन क्लास में समझने से हर डाउट जल्द क्लियर हो जाते हैं। -सोनी
- स्कूल में सख्ती से कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है। अध्यापक स्कूल में विद्यार्थियों का ध्यान रख रहे है साथ ही विद्यार्थियों को भी खुद का ध्यान रखना चाहिए। वहीं कुछ स्कूलों में दो शिफ्ट में भी ऑफलाइन कक्षाएं लगाई जा रहीं हैं।
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- रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी
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