जगमहेंद्र सरोहा
समालखा (पानीपत)। भोडवाल माजरी स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम में आध्यात्मिक और विकासात्मक प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसमें अध्यात्म, विज्ञान, प्रकृति और संत निरंकारी मिशन के इतिहास को मॉडलों और चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है। प्रदर्शनी में जीवन के वास्तविक उद्देश्य और मानवता का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
माया की दौड़ और प्रकृति के पांच तत्वों का चित्रण
प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षणों में माया की अनंत दौड़ पर आधारित प्रस्तुति शामिल है। इसके माध्यम से मनुष्य को भौतिक चकाचौंध से ऊपर उठकर आंतरिक शांति की ओर बढ़ने का संदेश दिया गया है। वहीं, सूरज, चांद, सितारों और अग्नि, आकाश, धरती व पानी जैसे प्रकृति के तत्वों पर आधारित मॉडल भी श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहे हैं।
इनके जरिये प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर चलने और सृष्टि के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया है। प्रदर्शनी में संत निरंकारी मिशन की यात्रा, समागम की गतिविधियों और उसके विकास को दुर्लभ चित्रों व मॉडलों के माध्यम से दर्शाया गया है।
प्रदर्शनी का अवलोकन कर गदगद हुए श्रद्धालु
लखनऊ से आईं श्रद्धालु सुनीता शर्मा ने कहा कि प्रदर्शनी में शांति और ज्ञान की अनुभूति हुई। माया की दौड़ पर आधारित प्रस्तुति ने सोचने पर मजबूर किया कि भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान कई बार अपने वास्तविक उद्देश्य को भूल जाता है।
लुधियाना के हरप्रीत सिंह ने कहा कि प्रकृति के तत्वों पर आधारित मॉडल सराहनीय हैं। इन्हें अध्यात्म से जोड़कर बच्चों और युवाओं को पर्यावरण के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया है।
जयपुर के रामस्वरूप ने कहा कि तस्वीरों के माध्यम से निरंकारी मिशन की यात्रा देखना भावुक और प्रेरणादायक अनुभव रहा। मिशन का सेवा और समर्पण का इतिहास मानवता की सीख देता है।
देहरादून की मीनाक्षी नेगी ने कहा कि प्रदर्शनी में जीवन के विभिन्न पहलुओं को एक ही स्थान पर देखने का अवसर मिला। यहां की कलाकृतियां मन को सुकून देती हैं। यह प्रदर्शनी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान के साथ सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा भी दे रही है।
निरंकारी समागम में सदगुरु माता सुदीक्षा महाराज के दर्शन के लिए उमड़ा जन सैलाब। संवाद