पानीपत। फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर मंगलवार को चंद्रग्रहण रहा। दोपहर बाद 3:20 से सायं 6:47 बजे चंद्रग्रहण रहा। इस दौरान लोगों खासकर महिलाओं ने विशेष सावधानी बरती और लोगों ने सिद्धि पाने के लिए मंत्रोच्चारण किया। इससे पहले सुबह से ग्रहण का सूतक लगने से मंदिरों के कपाट बंद रहे। शाम को ग्रहण के बाद गंगाजल से स्नान कराकर पूजा और आरती की।
मंदिरों में ग्रहण के सूतक के चलते लोग मंगलवार को तड़के ही पूजा पाठ के लिए पहुंच गए। मंगलवार को हनुमान मंदिर में ज्यादा भक्त पहुंचे। हनुमान को सिंदूर चढ़ाने के साथ पूजा अर्चना की। मंदिरों के सुबह करीब 6:20 बजे ही कपाट बंद हो गए। मूर्तियों को कपड़े से ढक दिया। मंदिरों में पूरा दिन किसी को दर्शनों को नहीं दाखिल होने दिया। चंद्रग्रहण शुरू होने के बाद लोगों ने मंत्रोच्चारण करना शुरू कर दिया। इसके बाद गंगाजल का छींटा लगाकर मंदिरों के कपाट खोले। प्राचीन देवी मंदिर में आचार्य लालमणि पांडेय ने पूजा अर्चना कराई।
पंडित प्रवीण शास्त्री ने बताया कि चंद्र ग्रहण पर लोगों ने विशेष सावधानी बरती हैं। कुछ लोगों ने सिद्धि पाने और ईष्ट देव को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों को जाप किया है। मंदिरों में शाम के समय विशेष पूजा की गई। असंध रोड स्थित हनुमान मंदिर और पूर्बियान घाटी स्थित हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा के साथ सामूहिक आरती की।
-मंदिरों में तड़के ही सामान्य दिनों से अधिक लोग पहुंचे
-मंगलवार होने पर हनुमान मंदिर में रहा अधिक रस
-अब शाम को मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे