पानीपत। औद्योगिक नगरी में हाल में 49 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है। विभाग ने कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए पंद्रह दिवसीय स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान शुक्रवार को शुरू किया। पहले दिन करीब 150 लोगों को जागरूक किया गया। इसमें आशा कार्यकर्ता की ड्यूटी लगाई है।
जिले में जहां औद्योगिक विस्तार हो रहा है, वहीं लोगों में कुष्ठ रोग भी बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इन सबको देखते हुए शुक्रवार को स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. लाभ सिंह को बनाया गया है। उन्होंने सभी स्टाफ को सीएमओ कार्यालय में शपथ दिलाई। अभियान में आशा कार्यकर्ता डोर-टू-डोर जाकर लोगों को कुष्ठ रोग के लक्षण, रोकथाम के बारे में बताकर जागरूक करेंगी। अभियान 30 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान आशा कार्यकर्ता डोर-टू-डोर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी और कुष्ठ रोग के बारे में बताएंगी। पीएमडब्ल्यू जयसिंह ने बताया कि कुष्ठ रोग छूत की बीमारी नहीं है। कुष्ठ रोग एमडीटी से ठीक हो सकता है। एमडीटी सभी स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क मिलती हैं। जिले में सबसे ज्यादा अर्बन एरिया में कुष्ठ रोगी मिल रहे हैं इसका मुख्य कारण लोगों द्वारा साफ-सफाई का ध्यान न रखना है। जहां सफाई कम मिलती है वहीं कुष्ठ रोग मिल रहे हैं इसलिए लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
लक्षण-
- जिन दाग, धब्बों में सुन्नपन होता है
- जिनमें खुजली और दर्द नहीं होता
- जलन या चुभन नहीं होती
- कुष्ठ रोग कहीं भी हो सकता है
- चमड़ी पर लाल तामियां दाग, हाथ-पैरों में सुन्नपन-सूखापन
कुष्ठ रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए पंद्रह दिवसीय अभियान की शुरुआत की गई है। इस दौरान आशा कार्यकर्ता लोगों को कुष्ठ रोग के बारे में बताएंगी और उन्हें इसके लक्षण और रोकथाम के बारे में भी बताएंगी। जिले में प्रत्येक सीएचसी, पीएचसी, उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर कुष्ठ रोग की नि:शुल्क दवा दी जाती है।
- डॉ. लाभ सिंह, नोडल अधिकारी।