पानीपत। तीन लाख रुपये में बच्ची को खरीदने वाले दंपती और बेचने वाली महिला को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसराना थाना प्रभारी बलराज ने बताया कि पुलिस अब बच्ची के माता-पिता को ढूंढने का प्रयास कर रही है।
विदित हो कि पलड़ी गांव के दंपती ने 22 जुलाई को इसराना के एनसी मेडिकल कॉलेज में उल्टी-दस्त, बुखार से पीड़ित 10 दिन की बच्ची को भर्ती कराया था। अस्पताल के स्टाफ ने बच्ची की मां को दूध पिलाने के लिए कहा तो वह बहाना बनाने लगी। ऐसे में स्टाफ को शक हो गया। 25 जुलाई को एक महिला अस्पताल पहुंची और पैसों के लेन देन में झगड़ा करने लगी। पूरी पेमेंट न मिलने पर महिला ने शोर मचाते हुए कहा कि ये दंपती इसके असल माता पिता नहीं हैं। इसके बाद स्टाफ का शक यकीन में बदल गया और उन्होंने बुधवार को मामले की सूचना इसराना थाना पुलिस को दी। इसराना थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अस्पताल में झगड़ा करने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया, जिससे पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने अपनी बहन से पालने के लिए बच्ची गोद ली थी और आगे दंपती को तीन लाख में बेच दी थी। पुलिस ने अब दंपती और महिला गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साथ ही बच्ची के असली मां-बाप की तलाश की जा रही है।