पानीपत। नया बस स्टैंड शुरू होने के बाद यात्रियों की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। बस स्टैंड शुरू हुए आज 11 दिन हो चुके हैं। बस स्टैंड परिसर में 28 सीसीटीवी लग गए, लेकिन अभी तक पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।
किसी भी बूथ पर बोर्ड तक नहीं लगा, यात्रियों को पूछताछ के लिए भटकना पड़ता है। संचालन की व्यवस्था सिर्फ 10 कर्मचारियों के भरोसे है। पूर्व मंत्री कृष्ण लाल पंवार और शहरी विधायक प्रमोद विज का टोल पर दो बस क्यू शेल्टर बनाने का वादा अभी अधूरा है। सवारियां चिलचिलाती धूप में सिटी बस का इंतजार करने के लिए मजबूर है।
अमर उजाला ने सिटी बस सर्विस के चलते स्थानीय यात्रियों की परेशानी को प्रमुखता से उठाया तो मामला रोडवेज डिपो महाप्रबंधक कुलदीप जांगड़ा तक पहुंचा। अब सिटी सर्विस बसों की संख्या में इजाफा कर 10 से 17 कर दिया है। इन बसों में ग्रामीण रूटों पर चलने वाली बसें भी शामिल हैं, जो खाली समय में स्थानीय यात्रियों काे शहर में विभिन्न स्थानों तक पहुंचाएगी।
प्रत्येक बस चालक को कम से कम पांच फेरे लगाने के निर्देश हैं। सिटी बसों की संख्या बढ़ने के कारण ऑटो चालकों की ओर से मनमाना किराया वसूलने पर रोक लगी है। महाप्रबंधक ने लंबे रूट के चालकों को टोल प्लाजा पर बस सड़क किनारे ही रोकने के निर्देश दिए हैं। इससे यात्रियों को राहत मिली है। यात्रियों की मांग है कि जल्द से जल्द टोल प्लाजा पर बस क्यू शेल्टर का निर्माण कराया जाए।
पीडब्ल्यूडी से बस स्टैंड नहीं ले रहा डिपो
ग्लोबल इंफ्राकान कंपनी ने 21 माह में बस स्टैंड का निर्माण कार्य पूरा करने का टेंडर उठाया था। निर्माण कार्य पूरा और उद्घाटन होने में पांच साल से अधिक का समय लग गया। अभी तक भी बस स्टैंड परिसर में बहुत से काम अधूरे पड़े है। डिपोकर्मी हर सप्ताह बस स्टैंड परिसर का दौरा कर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को लंबित कामों की सूची बनाकर भेज रहे हैं।
स्टॉफ की कमी, बढ़़ा रही परेशानी
डिपो में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को दो अलग-अलग टीमों में बांट दिया है। कर्मचारियों के कम होने के कारण पुराना बस स्टैंड नाम के साथ-साथ पुराना नजर भी आने लगा है। पहले कर्मचारी डिपो में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते थे। लेकिन अब यहां फर्श पर अक्सर गंदगी पसरी रहती है। बुधवार को बारिश होते ही बस स्टैंड परिसर में बरसाती पानी भी भर गया, जो बूथ तक पहुंच गया।
वर्जन
स्थानीय यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर सिटी बसों की संख्या बढ़ाई गई हैं। नए बस स्टैंड पर जल्द ही अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को पूरा कराने और बस क्यू शेल्टर बनवाने के प्रयास है। बूथ के लिए बोर्ड बनने भेज दिए है। यात्रियों को परेशानी ना हो, इसके लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
कुलदीप जांगड़ा, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपोख् पानीपत