पानीपत। वार्ड दस के अंतर्गत आने वाली पुरानी सब्जी मंडी के पास बनी गोविंद गोशाला को एक बार फिर से निगम ने शिफ्टिंग का नोटिस भेज दिया है। खास बात ये है कि इस पर विवाद होते ही निगम ने सप्ताह भीतर ही नोटिस को वापस भी ले लिया है। ये जमीन स्कीम नंबर 24 के तहत किसान विश्राम गृह के लिए अलॉट की गई थी। जिस पर किसान विश्राम गृह तो बना नहीं लेकिन यहां एक गोशाला जरूर बन गई। जो कि पिछले 32 साल से संचालित है।
निगम ने इस गोशाला को शिफ्ट कराने के लिए करीब तीन साल पहले 2021 से नोटिस भेजा था लेकिन गोशाला को शिफ्ट नहीं किया जा सका। वहीं नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि गोशाला को शिफ्ट करवाने के लिए उनके पास स्थानीय लोगों की सीएम विंडो पर शिकायत आ रही है। लोग गोशाला से निकलने वाले गोबर की वजह से परेशान हैं। जिससे निकासी ठप हो जाती है। अब फिर 18 सितंबर को निगम ने गोशाला के बाहर नोटिस चस्पा किया है।
न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के रहने वो रामचंद्र ने निगम को दी शिकायत में कहा कि इस गोशाला को कई बार नोटिस दिया जा चुका है लेकिन अब तक इसको शिफ्ट नहीं कराया गया। निगम ने छह का समय दिया था। वो भी पूरा हो चुका है। गोशाला से निकलने वाले गोबार आदि की वजह से लोग परेशान हैं। बार बार शिकायत और निगम के नोटिस के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसका कारण भी शहर के लोगों को स्पष्ट किया जाए।
दूसरी ओर नगर निगम को गोशाला प्रबंधन रामनिवास की ओर से पत्राचार किया गया है। जिसमें निगम से आग्रह किया गया है कि वे इसकी जमीन को गोशाला के नाम रि-अलॉटमेंट करवा दें। चूंकि यहां सैकड़ों बीमार गोवंश रखे जाते हैं। जिनको सैकड़ों लोग आस्था से चारा डालते हैं। ये जमीन किसानों के विश्राम गृह के लिए थी। अब मंडी भी बाहर चली गई है तो किसान यहां आते जाते तक नहीं है। इसलिए 32 साल से चल रही इस गोशाला के नाम ही इस जमीन की अलॉटमेंट हो जाए तो बेहतर होगा।
वर्जन:
मामला संज्ञान में आया था। इस बारे जिला योजनाकार से रिपोर्ट ली जाएगी। इसके बाद जो भी निर्णय होगा उस पर सकारात्मक ढंग से कार्रवाई होगी।
डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर, आयुक्त, नगर निगम।