पानीपत। नगर निगम क्षेत्र में हर वार्ड की गली, कॉलोनी, एरिया और पार्षद का नाम बताने के लिए अब तक करीब ढाई करोड़ के स्टील वाले नए साइन बोर्ड लगवा चुका है। प्रति बोर्ड 35 से 40 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। अब शहर की सरकार का कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है। इसके बाद भी साइन बोर्ड की डिमांड कम होने का काम नहीं ले रही है। बढ़ती डिमांड और कार्यकाल पूरा होते देख अब निगम ने ही इन पर पांबदी लगा दी है। निगम क्षेत्र में करीब 800 बोर्ड लगवाए जा चुके हैं। इससे पहले कार्यकाल में भी करोड़ों रुपये के बोर्ड लगे थे। तब से अब तक निगम करीब छह करोड़ रुपये साइन बोर्ड के नाम पर खर्च हो चुके हैं।
शहरवासियों का मानना है कि नगर निगम के हर वार्ड में पार्षदों के लिए लगवाए साइन बोर्ड पर फिजूल खर्च किए गए हैं। इसी प्रकार शहर में निगम कई स्वागत द्वार तब बनवा रहा है। इन पर भी करोड़ों खर्च हो रहे हैं, जबकि शहर की सड़कें टूटी पड़ी हैं। शहर की लाइटें बंद पड़ी हैं। लोगों को पीने का पानी नहीं मिलता। सीवर चोक हैं। प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियां ठीक नहीं होतीं। ये सब काम शहर के नेता सिर्फ अपना नाम चमकाने के लिए करते हैं, जबकि शहरवासियों को सबसे पहले मूलभूत सुविधाओं की जरूरत होती है।
अब तक वार्ड 9, 17, 25 और 26 में साइन बोर्ड नहीं लगे हैं। सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट का कहना है कि उन्होंने अपने वार्ड में जानबूझकर साइन बोर्ड नहीं लगवाए। उनका मानना है कि उन्हें अपनी पहचान कराने के लिए इन बोर्डों की आवश्यकता नहीं है। उन्हें ये सिर्फ पैसों की बर्बादी लगी। इसलिए उन्होंने अपने वार्ड में बोर्ड नहीं लगवाए।
पहले जितने बोर्ड लगाए जाने थेे, वे लग चुके हैं। अब नए साइन बोर्ड नहीं लगाए जा रहे हैं।
- प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम।