फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: 1948 में पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के अलॉट प्लांटों पर निगम ने लगाया भारी-भरकम टैक्स

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। देश के विभाजन के समय 1948 में पाकिस्तान से यहां आकर बसे हिंदू परिवारों को सरकार के अलॉट प्लाॅटों पर निगम ने भारी भरकम टैक्स जोड़ दिया है। विभाजन के समय वार्ड तीन के रामनगर एरिया में पुनर्वास योजना के तहत सरकार ने 400 शरणार्थियों को प्लॉट दिए थे। इन पर योजना के अनुसार विकास शुल्क लगाया नहीं जा सकता। जबकि नगर निगम के 2018 में हुए डिजिटल सर्वे के मैप में राम नगर के बीच में एक बाउंड्री लाइन खींच दी गई। जिसने राम नगर को दो भागों में बांट दिया।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि एक भाग राम नगर तो दूसरे को निगम ने राम नगर एक्सटेंशन बना दिया। इसका खामियाजा लोगों के ये भुगतना पड़ा कि राम नगर एक्सटेंशन अब सरकार की पुनर्वास योजना में नहीं है। जिससे यहां के प्लाटों पर निगम ने 425 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से विकास शुल्क जोड़ दिया है। अब यहां के निवासियों को अपनी अलॉट संपत्ति की खरीद फरोख्त और विकास शुल्क भरने में बड़ी परेशानी हो रही है।वार्ड पार्षद अंजलि शर्मा ने निगम आयुक्त से भारी भरकम विकास शुल्क से राहत की मांग की है। आयुक्त ने उनके प्रस्ताव को एटीपी को भेज दिया है।
पार्षद अंजलि शर्मा ने बताया कि 75 साल पहले पाकिस्तान से भारत आए लोगों को राम नगर में 400 प्लाट सरकार ने बांटे थे। नगर निगम ने 2018 के डिजिटल मैप में रामनगर के बीच में एक बाउंड्री लाइन खींच दी। जिससे एक भाग राम नगर बन गया और योजना से बाहर हो गया। इस बाउंड्री में एक से 200 नंबर तक के प्लाट को राम नगर में रह गए और 201 से लेकर 400 नंबर तक के प्लाट योजना और कॉलोनी से ही बाहर कर दिए गए। अब इन 200 मकानों पर निगम ने 425 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से विकास शुल्क थोप दिया गया है। ये प्लाट साइज में छोटे हैं जबकि इनमें आबादी ज्यादा है। निशुल्क होने के बाद भी यहां के लोगों को महंगा विकास शुल्क भरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन


बॉक्स
जमा विकास शुल्क वापस किया जाए
पार्षद अंजलि शर्मा ने सरकार और निगम से मांग की है कि यहां के जितने लोगों ने अब तक विकास शुल्क की भारी भरकम फीस निगम में जमा करवाई है, उसे निगम को वापस लोगों को देना चाहिए। जब ये प्लाट पुनर्वास योजना के थे तो निगम को इन लोगों से विकास शुल्क वापस लेना ही नहीं चाहिए था। निगम के सर्वे की गलती का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन




वर्जन:
नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी
पार्षद की ओर से आवेदन मिला है। इसके तथ्यों और नियमों के अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
योगेश तोमर, एटीपी, नगर निगम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें