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सरकारी स्कूलों के हालात बदले अब धारणा बदलनी है : महिपाल

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 पंडित चिरंजी लाल राजकीय महाविद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उप​स्थित टीचर और अन्य। संवाद
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करनाल। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करते हुए सरकारी स्कूलों को नई पहचान दिलाई है। सरकारी स्कूलों के हालात बदले हैं, बस अब लोगों की धारणा बदलनी है। इसके लिए हम काम कर रहे हैं। लोगों का ध्यान निजी से हटाकर फिर सरकारी विद्यालयों पर लाना है। वर्षों से लंबित शिक्षकों की पदोन्नतियां कराकर उनके अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं। आज सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुके हैं।
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वह रविवार को हरियाणा राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ द्वारा आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय पीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज सरकारी कॉलेजों के प्राध्यापक हों या स्कूलों के। विभिन्न विभागों के बड़े अधिकारी भी सरकारी स्कूलों के छात्र रहे हैं। हमारे बचपन के समय में निजी स्कूलों में बच्चे पढ़ाना बुरा माना जाता था लेकिन हालात ने लोगों के विचार बदले। अब स्कूलों की स्थिति सुधरी है तो लोगों को धारणा भी बदलनी होगी।
उन्होंने प्राध्यापकों से भी बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री के एडीसी महेंद्र सैनी, एचएसएचईसी के सदस्य सतरूप ढांडा उपस्थित रहे।
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संघ के प्रधान डॉ. गुरप्रीत कौर और संयोजक डॉ. राजेश रांझा ने उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों, समयबद्ध पदोन्नति, सेवा संबंधी विसंगतियों, ग्रामीण सेवा की शर्तों और अन्य लंबित मांगों को मंत्री के समक्ष विस्तार से रखा। उन्होंने राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
संघ की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर संगठन की उपप्रधान डॉ. गुरप्रीत कौर, महासचिव अनिल, संयुक्त सचिव सोनू गुरेरा, वित्त सचिव हर्ष नांदल, संगठन सचिव मनोज कुमार उपस्थित रहे।

बोले, निरीक्षण कर लाए हैं सुधार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2013-14 में सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम काफी कम था। स्कूलों का निरीक्षण किया, व्यवस्थाओं को समझा, शिक्षकों के प्रशिक्षण और अन्य सुधारात्मक उपायों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया। इसका परिणाम है कि आज सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 90 प्रतिशत से अधिक हो गया है। सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। प्रत्येक स्कूल में शौचालय, पेयजल, बेहतर भवन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रदेश का कोई भी स्कूल ऐसा नहीं है जहां पाठ्यक्रम पूरा न कराया जाता हो।
विपक्ष का प्री-प्लान फ्लॉप हुआ...
करनाल। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांढा का कहना है कि दिल्ली में सरकार की ओर से मांगों के मानने के बाद छात्रों का धरना उठ गया और आंदोलन खत्म हो गया। इससे विपक्ष का प्री-प्लान भी फ्लॉप हुआ है। तो क्या अब उनकी नानी मर गई है, अब वे क्यों नहीं बोल पा रहे हैं।
मंत्री रविवार को करनाल के राजकीय पीजी कॉलेज में हरियाणा राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में पहुंचे थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सीजीपी ने धरना उठा लिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान अनुभवी थे, उनके काम करने क अनुभव में कोई कमी नहीं थी। कांग्रेस के समय में भी पेपर लीक होते थे, अब लीक हुए तो क्या धर्मेंद्र प्रधान ने खुद परीक्षा ली थी, तब भी ऐसे ही एजेंसियां परीक्षा लिया करती थी।
उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन की आड़ में विपक्ष ने अभी और आग लगानी थी, देश में तांडव मचाना था लेकिन खत्म हुए आंदोलन ने उनके प्री प्लान को फ्लॉप कर दिया, ऐसे में अब नानी मर गई है। उन्होंने कहा कि वांगचुक भी कह रहे थे कि आंदोलन गलत दिशा में गया है। वहां के हालात को देखते हुए ताकि युवा भटकें न, गलत लोगोंं के हाथ में न जाएं, राष्ट्र विरोधी ताकतों के हाथ में चढ़ जाएं, इसलिए केंद्रीय मंत्री ने पद से इस्तीफा दिया है। ब्यूरो
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 पंडित चिरंजी लाल राजकीय महाविद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उपस्थित टीचर और अन्य। संवाद

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