पानीपत। रिफाइनरी के पास एक बड़ी कंपनी के साथ काम कर रही एक इलेक्ट्रिकल कंपनी में बड़ा गोलमाल सामने आया है। जिसमें कंपनी के अधिकारियों ने घोटाला करने वाले अपने दो अधिकारियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। आरोपी अधिकारियों ने कंपनी में छह फर्जी लोग लगाए थे, जिनकी हाजिरी वे अपने अंगूठे से लगाकर पिछले एक साल से उनके नाम की तनख्वाह कंपनी से वसूल रहे थे। इसके अलावा भी कई अन्य गोलमाल कर आरोपी कंपनी को करीब 30 लाख रुपये का चूना लगा चुके हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।
सदर थाना पुलिस को स्टरलिंग इलेक्ट्रो एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के जनरल मैनेजर मंदार मोहन कासकर ने बताया कि उनकी कंपनी ने एक अन्य इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी के साथ काम शुरू किया था। उस काम को करने के लिए उत्तर प्रदेश निवासी अंकुर चौधरी को कंस्ट्रक्शन मैनेजर के तौर पर और केरल निवासी ब्रिजेश पी को बतौर बिलिंग इंजीनियर साइट पर तैनात किया था। करीब एक साल से उनका प्रोजेक्ट प्लाट नं 48-62, रिफाइनरी रोड, पानीपत पर चल रहा है, जो अब पूरा होने वाला है। जांच पड़ताल के बाद उन्हें पता चला कि अंकुर और ब्रिजेश ने छह फर्जी लोगों का नाम बताकर पिछले लगभग एक साल से कंपनी से उनकी तनख्वाह के नाम पर भुगतान लिया है। जबकि धरातल पर ये लोग कभी साइट पर काम भी नहीं करते थे। आरोपियों ने एक साल में इन छह लोगों की सैलरी के नाम पर करीब 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोपियों ने इन छह लोगों के डेबिट कार्ड भी खुद रखे हुए थे। जिससे वे उनकी तनख्वाह के पैसे निकाल लेते थे। इसके अलावा भी आरोपियों ने करीब दस लाख का गोलमाल कर कंपनी को करीब 30 लाख का चूना लगाया है।
आरोप है कि अंकुर चौधरी इस खेल का मास्टरमाइंड है। जिसने छह लोगों के नाम कंपनी को दिए लेकिन हाजिरी की बायोमेट्रिक मशीन में अपनी अंगुली के निशान लगाकर उनकी हाजिरी चालू रखी। ब्रिजेश पी को अंकुर ने करीब ढाई लाख रुपये देकर अपने साथ गेम में शामिल कर लिया था। इस घोटाले की पुष्टि साइट पर काम कर रहे दूसरे वरिष्ठ प्रबंधक ज्ञानेंद्र साहू ने की।