माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला उपभोक्ता आयोग ने स्वास्थ्य बीमा कंपनी और उपभोक्ता के बीच चल रहे क्लेम के भुगतान के मामले में आधा क्लेम देने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान उपभोक्ता के 1.20 लाख रुपये के दावे को आयोग ने खारिज कर दिया। आयोग ने माना की आईसीयू में अनावश्यक मरीज को रखकर खर्च बढ़ाया गया है। आयोग ने बीमा कंपनी को 60 हजार रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश दिए।
पानीपत के रामचंद्र ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी कि उन्होंने स्टार हैल्थ कंपनी से बीमा पॉलिसी ली थी। पॉलिसी दो मई 2021 से प्रभावी हुई। जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर आईसीयू में भर्ती कर उनका उपचार किया गया। उपचार में करीब 1.20 लाख रुपये खर्च हुए। उन्होंने क्लेम के लिए कंपनी में आवेदन किया। लेकिन, कंपनी ने आईसीयू के चार्ज गलत होने की बात कहते हुए आवेदन को खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने आयोग में प्रार्थनापत्र दाखिल किया। आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा और सदस्य वीनित कौशिक ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि अस्पताल में भर्ती और इलाज होना प्रमाणित है। लेकिन रिपोर्टों से स्पष्ट है कि मरीज की स्थिति सामान्य थी, फिर भी उसे छह दिन आईसीयू में रखकर अधिक शुल्क लिया गया। आयोग ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी शिकायतकर्ता को 60 हजार रुपये की राशि छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित दे।