पानीपत। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बारिश में ही विकास करवाते हुए गोहाना रोड पर तारकोल बिछा दिया, जो 24 घंटे तक नहीं टिक सका। इस रोड के तारकोल में बिछाई गई रोड़ी-बजरी तारकोल से बाहर आने लगी। जिस पर कांग्रेस नेत्री अपने कार्यकर्ताओं के साथ इस पर रोड पर फेविकोल लगाने पहुंच गई। कांग्रेस नेत्री का ये विरोध प्रदर्शन सबको अचंभित कर देने वाला रहा। उन्होंने लोगों से कहा कि ये करोड़ों रुपये का विकास जरूर देख लें। जो दो दिन तक भी नहीं टिक पा रहा है।
हुआ यूं कि गोहाना रोड को फोरलेन बनाने के लिए डेढ़ साल तक इस रोड़ को खोदे रखा गया। जिससे शहरवासियों को रोजाना नई मुसीबतों का सामना करना पड़ा। अब ये काम इतनी तेजी से शुरू किया गया कि बारिश में ही तारकोल बिछा दी गई, जिसने अब शहरवासियों को आश्चर्य में डाल दिया।
बात शनिवार शाम की है। बारिश होती रही और पीडब्ल्यूडी विभाग का ठेकेदार बारिश में भी रोड को बनाता चला गया। शनिवार रात भर ये काम चला लेकिन ये तारकोल रोड से चिपक नहीं पाया। जिसके बाद अगले दिन ही ये रोड से बाहर आ गया। इस खबर को अमर उजाला ने अपने नौ अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद अधिकारी तो जागे नहीं लेकिन विपक्ष जरूर जाग गया। इसका जैसे ही कांग्रेस नेत्री नीरजा बाहरी को इसका पता चला तो उन्होंने तारकोल का डिब्बा लेकर इसका विरोध प्रदर्शन किया।
बीस दिन में तो ऐसे ही होगा काम:
डेढ़ साल से खोदे गए गोहाना रोड को बनाने का जब जनता ने नेताओं पर दबाव डाला तो नेताओं ने पीडब्ल्यूडी विभाग से इस काम को चालू करवाया। विभाग अधिकारियों ने दावा कि वे महज बीस दिन में इस 12 करोड़ी प्रोजेक्ट को पूरा कर देंगे। दीवाली से पहले रोड को फोरलेन बना दिया जाएगा। इस जल्दबाजी में अफसरों ने बारिश में भी काम जारी रखा और बारिश के पानी में ही तारकोल बिछा दिया। जिसका स्थानीय लोगों, विपक्षी नेताओं और मार्केट एसोसिएशन भी भारी विरोध कर रही हैं।
बवाल हुआ तो अधिकारियों ने साधी चुप्पी
इस विषय पर अमर उजाला ने तकनीकी विशेषज्ञों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि तारकोल पानी का दुश्मन होता है। अगर तारकोल की सड़क पर पानी जमा होता है तो सड़क सौ प्रतिशत टूट जाती है। अगर निर्माण ही बारिश में कराया जा रहा है तो ये बनने से पहले ही बिखना शुरू हो जाएगी। बारिश का पानी हमेशा तारकोल की गुणवत्ता के विरुद्ध काम करता है। जिसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित भी किया और वही हुआ। इस पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने चुप्पी साध रखी है।
रिजेक्ट किया काम, रिपोर्ट तलब- एक्सईएन
बिना सूचना के बारिश के मौसम में काम शुरू किया गया था, जिसे रिजेक्ट कर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट विभाग के एसडीओ और जेई से मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद जो भी उपयुक्त विभागीय कार्रवाई होगी अमल में लाई जाएगी।
जतिन खुराना, एक्सईएन, पीडब्लयूडी विभाग।