42 करोड़ में बनी जिला नागरिक अस्पताल की बिल्डिंग साढ़े छह साल में ही जर्जर हालत में पहुंचने लगी है। बिल्डिंग मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग को बिल्डिंग की मरम्मत के लिए बजट नहीं मिला है। अब बिल्डिंग की सीलिंग टूटकर गिरने लगी है। ऐसे में मरीजों को इससे नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। पिछले साल दो बार सीलिंग टूटकर गिर चुकी है। जिसमें एक मरीज भी घायल हो गया था। अस्पताल के शौचायलों की हालत भी शराब है। अस्पताल प्रशासन द्वारा बिल्डिंग की मरम्मत के बाद मुख्यालय से पैसों की मांग की गई है लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
अगस्त 2018 में जिला नागरिक अस्पताल नई बिल्डिंग में शिफ्ट हुआ था। यह बिल्डिंग पांच मंजिला है और तीन ब्लॉक में बंटी हुई है। इसको 42 करोड़ रुपये में तैयार किया था। पूरी बिल्डिंग में सीलिंग लगाई गई है। अब अस्पताल की ओपीडी, रेडियोलॉजी, सिटी स्कैन ब्लॉक, प्रसूति वार्ड व लेबर वार्ड में सीलिंग टूटकर गिर रही है। सिटी स्कैन ब्लॉक में तो कई जगह से सीलिंग ही गायब हो चुकी है। पूरे अस्पताल में सीलिंग गिरने का भय बना हुआ है। इससे मरीजों को भी खतरा है। वहीं दूसरी अस्पताल अस्पताल के शौचालय की हालत भी खराब है। यहां से टोंटी तक चोरी हो चुकी है।
सिविल सर्जन को भी लिखा पत्र , नहीं हुई सुनवाई
अस्पताल प्रशासन की ओर से सिविल सर्जन को भी बिल्डिंग की मरम्मत के लिए पत्र लिखा जा चुका है। सिविल सर्जन का बिल्डिंग की मरम्मत के लिए निरीक्षण भी कराया जा चुका है। सीलिंग टूटकर गिरने पर अस्पताल प्रशासन अपने बजट से थोड़ी बहुत मरम्मत करा देता है लेकिन वह स्थाई समाधान नहीं है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन भी नाराज है।
अधिकारी के अनुसार
जिला नागरिक अस्पताल के डिप्टी एम एस डॉ. अमित पोरिया ने बताया कि मरम्मत के लिए मुख्यालय व सिविल सर्जन को पत्र लिखा जा चुका है। मुख्यालय से एस्टीमेट बनकर आएगा। इसके बाद रकम जारी होगी। फिर मरम्मत का काम पीडब्ल्यूडी से कराया जाएगा।।