जिला नागरिक अस्पताल में पंजीकरण के लिए लाइन में लगे मरीज। संवाद
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में बोर्ड ने बुधवार को 34 लोगों के दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए जबकि नौ को आगामी जांच के लिए भेजा गया। इस दौरान सामान्य ओपीडी में बोर्ड के चिकित्सकों के बैठने के लिए दिव्यांग को प्रमाणपत्र बनवाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को भीड़ अधिक होने पर फर्श पर बैठने को मजबूर होना पड़ा।
जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार को सुबह नौ बजे ही दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया। प्रमाणपत्र के लिए 43 लोगों ने अपना पंजीकरण कराया। बोर्ड के चिकित्सकों ने ओपीडी के दौरान इनकी जांच की। दोपहर बाद तीन बजे तक विशेष शिविर चला। नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डाॅ. बिजेंद्र सिंह हुड्डा की देखरेख में शिविर चला, इसमें 34 लोगों के दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए गए, इनमें आर्थों के नौ, आंखों के तीन, मनोचिकित्सक के 10, सर्जरी के तीन और मेडिसन के नौ प्रमाणपत्र बनाए गए। रेल पास के लिए चार लोगों ने प्रमाणपत्र बनवाए। रमेश और कृष्ण ने बताया कि दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए सप्ताह में एक दिन बोर्ड बैठता है। इस दिन भी सामान्य ओपीडी के दौरान जांच की जाती हैं, ऐसे में दिव्यांग को लाइन में खड़ा रहने को मजबूर होना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग को दिव्यांग के लिए बोर्ड के चिकित्सकों को एक स्थान पर बैठाना चाहिए। इससे उनको आसानी होगी।
दिव्यांग प्रमाणपत्र शिविर के दौरान किसी को परेशानी नहीं आने दी गई। सामान्य ओपीडी के दौरान दिव्यांग की जांच को प्राथमिकता दी गई है। बोर्ड ने 43 में से 34 लोगों के प्रमाणपत्र बनाए हैं। शेष नौ को आगामी जांच के लिए भेजा गया है।
- डॉ. बिजेंद्र हुड्डा, डिप्टी सीएमओ।