थर्मल। विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत वीरवार को आसान कलां, नौहरा, रजापुर, सिंहपुरा व सिठाना गांव में कार्यक्रम किए। इनमें लगभग 750 किसानों ने भाग लिया। इन कार्यक्रमों में किसानों द्वारा अपनी समस्याएं भी साझा की। किसानों ने अच्छी गुणवत्ता का बीज समय पर न मिलना, भूजल स्तर के नीचे जाना, सरकारी योजनाओं का सही समय पर न मिलना, किसानों द्वारा मिट्टी जांच न करवाना, रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों का अति अधिक प्रयोग प्रमुख समस्याओं को साझा किया। वैज्ञानिकों ने इन समस्याओं का समाधान बताया।
कृषि विज्ञान केंद्र उझा के प्रभारी डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि अभियान का वीरवार को समापन हो गया है। इस अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा। इसकी शुरुआत 29 मई को की थी। अब तक जिले के 95 गावों के किसानों को जागरूक किया गया। इनमें लगभग 13,500 किसान शामिल हुए। उनको कृषि संबंधित नवीनतम जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि में उपयुक्त होने वाली विभिन्न नवीनतम उपकरणों जैसे ड्रोन तकनीक व आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस युक्त विभिन्न मोबाइल फोन एप्लीकेशन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने किसानों को नवीनतम कृषि एप के ज्ञान से भी समृद्ध किया। ड्रोन के साथ विशेषज्ञों ने मिट्टी की गुणवत्ता का विश्लेषण करने, मिट्टी और पानी के नमूने लेने की तकनीक, मौसम का पूर्वानुमान करने के फायदे बताए।