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Panipat News: पावटी गांव में गोचरान की जमीन से प्रशासन ने हटवाए कब्जे

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समालखा। जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ शुक्रवार को खंड के गांव पावटी में गोशाला की जमीन से कब्जे हटाए गए। ग्राम पंचायत के लिए नाक का सवाल बन चुके छह लोगों के अवैध कब्जे हटाने का अभियान ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं पीडब्ल्यूडी के एसडीओ शैलेंद्र भाटिया के नेतृत्व में कई घंटे तक चला। महिलाओं ने सरकारी अमले का विरोध किया, लेकिन सख्ती के चलते महिलाएं पीछे हट गई। उन्होंने इसके लिए दस दिन का समय मांगा है।
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उल्लेखनीय है कि पावटी गांव की ग्राम पंचायत द्वारा गोचरान की साढ़े सात एकड़ भूमि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के प्रयास से बनने जा रही गोशाला को दी हुई है। इसी जमीन पर गांव के ही छह लोगों ने पशुबाड़ा बनाकर गोशाला की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। जिसको लेकर ग्राम पंचायत अवैध कब्जाधारियों को कई बार नोटिस और चेतावनी दे चुकी है। इतना ही नही एसडीएम अमित कुमार भी मौके निरीक्षण कर कब्जा करने वालों को कब्जा हटाने के आदेश दे चुके हैं।

ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ शैलेंद्र भाटिया के नेतृत्व में एसडीओ पंचायती राज विजय वर्मा, कानूनगो, पटवारी भारी पुलिस फोर्स और बुलडोजर के साथ शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे पावटी पहुंचे। प्रशासन को महिलाओं का हलके विरोध का सामना करना पड़ा। दो लोगों के तीन अवैध कब्जे धराशायी होते ही बाकी कब्जाधारियों ने प्रशासन को लिखित बयान देकर 10 दिन के अंदर स्वयं ही कब्जे को खाली करने की अनुमति मांगी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने ग्रामीणों को इसका समय दे दिया और 10 दिन के अंदर कब्जे नहीं हटाने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी।
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पावटी गांव में अवैध कब्जा हटाने के दौरान बडा ही मार्मिक दृश्य नजर आया। प्रशासन का बुलडोजर जब अमरूद के बाग का अवैध कब्जा हटा रहा था तो किराये पर बाग के अंदर रहने वाले वीरेंद्र कुमार को अपना घरेलू सामान खुले आसमान के नीचे रखना पड़ा। उसकी शादीशुदा लड़की भी अपने बच्चों को लेकर मायके आई हुई थी। उसे भी बच्चों को लेकर रात खुले आसमान के नीचे गुजारने को मजबूर होना पड़ा। वे आशियाना न गिराने के लिए लोग गिड़गिड़ाते नजर आए।
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