पानीपत। बाल विवाह करने पर किशनपुरा क्षेत्र की एक किशोरी ने अपनी मां व अपने पति पर केस दर्ज करा दिया। किशोरी की शादी सात माह पहले मतलौडा के युवक के साथ की गई थी। युवक ने अपनी किशोरी पत्नी के बालिग होने का शपथ पत्र महिला सरंक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को दिया था। किशोरी ने इस शपथ पत्र को चुनौती दी। जांच में किशोरी की आयु 16 साल की मिली है। अब किशोरी की शिकायत पर मतलौडा थाना पुलिस ने आरोपी मां व किशोरी के पति पर केस दर्ज कर लिया है। इनके विवाह को रद्द कर दिया गया है।
महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि 30 सितंबर को उनको किशनपुरा निवासी एक लड़की ने शिकायत दी थी। लड़की ने उन्हें बताया था कि उसकी मां ने जबरदस्ती उसकी शादी करवा दी है। शादी एक अप्रैल को मतलौडा के एक बैंक्वेट हॉल में गांव उरलाना कलां निवासी से की गई है। वह नाबालिग है और इस शादी से खुश नहीं है। उन्होंने युवक को नोटिस जारी कर शादी के दस्तावेज प्रस्तुत करने व लड़की की आयु का प्रमाण पत्र मांगा था। युवक ने बैंक्वेट हॉल के दस्तावेज के साथ अपने शपथ पत्र में पत्नी को बालिग बताया था। उसने इस मामले की जांच की तो लड़की नाबालिग मिली। लड़की एक स्कूल में पढ़ी है और उसके मुताबिक लड़की जन्म तिथि 4 नवंबर 2008 मिली। शादी के उसकी आयु 15 साल चार माह थी। जांच में यह बाल विवाह पाया गया है। अब मतलौडा थाना पुलिस में लड़की की व उसके पति के खिलाफ धारा 9,10,11 बाल विवाह निषेध एक्ट 2006 के तहत केस दर्ज किया है। लड़की को ससुराल से बाल संरक्षण कल्याण समिति पानीपत के माध्यम से चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट भेजा गया है।