आरोपी शिक्षक पुत्र और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है
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कुरुक्षेत्र की वशिष्ठ कॉलोनी में परिजन किशोरी बेटी की शादी की तैयारी कर रहे थे। शादी की तारीख पांच अक्तूबर तय कर दी गई थी। किशोरी वहां से भागकर पानीपत में महिला सरंक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के कार्यालय में पहुंच गई और पिता- दादा, दादी व चाचा के खिलाफ लिखित में शिकायत दे दी।
किशोरी ने शिकायत में लिखा कि उसका बाल विवाह हो रहा है, वह पढ़ना चाहती है। अधिकारी ने उसके माता-पिता के बाल विवाह न करने के शपथ पत्र लिए और विवाह को रुकवा दिया। किशोरी को चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट में भेज दिया गया।
महिला सरंक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि किशोरी मूल रूप से सनौली कलां की रहने वाली है। उसके पिता कुरुक्षेत्र की वशिष्ठ कॉलोनी में रहता है। किशोरी मां की लगभग 17 साल पहले मौत हो चुकी है। उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली। किशोरी सनौली कलां में अपने दादा-दादी के साथ रहती है। अब उसके दादी-दादी उसे कुरुक्षेत्र की वशिष्ठ कॉलोनी में उसे उसके पिता के पास छोड़ गए थे। किशोरी वहां से 19 सितंबर को फरार हो गई थी। इसके बाद वह कई स्थानों पर रुकी। बुधवार को वह उसके कार्यालय में आई थी।
किशोरी ने लिखित में शिकायत दी कि उसका पांच अक्तूबर को कैथल के युवक से विवाह तय किया गया है। उसके परिवार वालों ने उसकी पढ़ाई छुड़वा दी। वह कक्षा बारहवीं की छात्रा थी। वह आगे पढ़ना चाहती थी। उसके पिता, दादा-दादी व चाचा उसके साथ मारपीट करते हैं। उसके साथ बुरा व्यवहार करते हैं।
किशोरी की शिकायत पर उन्होंने उसके पिता को बुलाया और बयान दर्ज किए। उसके पिता ने बताया कि उसकी बेटी कई बार घर से फरार हो चुकी है। वह एक लड़के से मोबाइल पर काफी बात करती है। उसकी हरकतों को देखते हुए स्कूल के प्राचार्य ने उसको स्कूल में रखने से मना कर दिया। उसकी हरकतों से परेशान होकर किशोरी के दादा उसे पिता के पास लेकर आए थे। वह अपनी बेटी की शादी नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनकी भतीजी की शादी हो रही हैं। बेटी ने झूठी शिकायत दी है। अधिकारी ने दोनों के बयान दर्ज कर लिए और किशोरी के पिता से बालिग होने तक उसका विवाह न करने का शपथ पत्र लिया है।