पानीपत। सरकारी स्कूलों में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 391 स्कूलों में स्थापित की जा रही अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल), रोबोटिक्स और खगोल विज्ञान प्रयोगशालाओं के प्रभावी संचालन के लिए जिला स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पानीपत में यह प्रशिक्षण तीसरे चरण में 21 से 25 मई तक जीएमएसएसएसएस जीटी रोड और जीएसएसएस सिवाह में दिया जाएगा।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है, ताकि वे विद्यार्थियों को प्रयोग आधारित शिक्षा दे सकें। पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण में डिजाइन थिंकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग और खगोल विज्ञान जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।
प्रशिक्षण में प्रत्येक एटीएल स्कूल से स्कूल मुखिया और दो शिक्षक (विज्ञान या कंप्यूटर पृष्ठभूमि) भाग लेंगे। इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी, डीपीसी, बीईओ और डाइट प्राचार्य भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
प्रदेश में पहले ही 391 स्कूलों में एटीएल स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिनमें से 19 स्कूल पानीपत जिले के हैं। इन लैब्स में 3डी प्रिंटर, रोबोटिक्स किट, सेंसर और माइक्रो-कंट्रोलर जैसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे, जिससे विद्यार्थी प्रयोग और नवाचार के माध्यम से सीख सकेंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, समस्या समाधान क्षमता और रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। साथ ही, सरकारी स्कूलों को आधुनिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद करेगी।
पानीपत में इन स्कूलों में स्थापित होंगी अटल टिंकरिंग लैब
जीएमएसएसएस जीटी रोड (लालबत्ती), सौदापुर, जलालपुर-1, तहसील कैंप, काबड़ी, उग्राखेड़ी, कृष्णपुरा, किवाना, बड़ौली, सिवाह, उरलाना कलां, हथवाला, राक्सेड़ा, मांडी, बापौली, कुराना, सनौली खुर्द, रेर कलां, बबैल।
अटल टिंकरिंग लैब और स्टेम आधारित प्रशिक्षण से शिक्षकों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी। इससे विद्यार्थी प्रयोग, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से सीखेंगे, जो उनके भविष्य को मजबूत बनाएगा।
- संदीप कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, पानीपत।