पानीपत। ट्यूशन टीचर की छेड़छाड़ से परेशान होकर घर छोड़ने वाली नौवीं की छात्रा को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने माता-पिता को सौंप दिया है। माता-पिता छात्रा को अपने साथ उत्तर प्रदेश के बांदा ले गए हैं। अब बांदा पुलिस से मामले की शिकायत की गई है। बांदा पुलिस शिक्षक के खिलाफ मामले की जांच करेगी। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने सभी माता-पिता से अपील की है कि वह अपने बच्चों की बात पर ध्यान देने के साथ ही दोस्ताना माहौल दें।
शनिवार को मालवा एक्सप्रेस ट्रेन में टीटीई को नौवीं की एक छात्रा बेटिकट मिली थी। टीटीई ने बच्ची से पूछताछ के बाद उसे जीआरपी थाने को सौंपा था। इसके बाद उसे एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के हवाले कर दिया गया था। बच्ची ने पूछताछ में बताया था कि वह बांदा की रहने वाली है। उसका ट्यूशन टीचर उससे छेड़छाड़ करता है। जब इस बारे में उसने अपनी मां को बताया तो उसे ही डांटा गया और बड़ी बहन ने मारा। जिस पर उसने 23 सितंबर घर छोड़ दिया था। जिसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने उसके माता पिता से संपर्क किया। पिता के पानीपत आने पर छात्रा को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
छात्रा ने काउंसलिंग में बताया कि ट्यूशन टीचर उसकी बड़ी बहन से भी छेड़छाड़ करता था। उसे और बड़ी बहन को धमकाता था। 23 सितंबर की शाम छह बजे मां के पर्स से 500 रुपये और स्कूल बैग में कुछ कपड़े लेकर उसने घर छोड़ दिया। रेलवे स्टेशन से ट्रेन लेकर रात तीन बजे दिल्ली पहुंची। 24 सितंबर की सुबह करीब चार बजे मालवा एक्सप्रेस में बैठ गई। उसके पास टिकट नहीं थी, जिस पर टीटीई ने पकड़ लिया।
वर्जन:
छात्रा को माता पिता को सौंप दिया है। अभिभावकों से अपील है कि वह बच्चों की बातों को सुने। अगर बच्चा परेशान है तो उससे उसकी परेशानी का कारण पूछे। अगर बच्चे की बात पर विश्वास नहीं करेंगे तो आरोपियों के हौसले बढ़ेंगे।
- रविंद्र कुमार, इंचार्ज, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल