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Panipat News: इलाज छोड़ने से बिगड़ रही टीबी, मरीजों की संख्या 189 पहुंची

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बिगड़ी टीबी मरीजों को किट वितरित करते रेनू कंवर। स्रोत : संवाद - फोटो : अमर उजाला
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पानीपत। जिले में सामान्य टीबी के साथ बिगड़ी टीबी (एमडीआर-टीबी) के मरीज भी लगातार बढ़ रहे हैं। बिगड़ी टीबी के मरीजों की संख्या 189 पहुंच गई है। बिगड़ी टीबी में टीबी की सामान्य दवा का असर नहीं होता और यह अक्सर इलाज बीच में छोड़ने से होती है। चिकित्सक लोगों को टीम की नियमित दवा लेने और टीबी बिगड़ने पर भी दवा लेने से ठीक होने का दावा कर रहे हैं।
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दिल्ली की जीवदया फाउंडेशन ने आगे आकर जिले के 231 मरीजों को टीबी की किट दी है, इनमें 31 बिगड़ी टीबी और 200 सामान्य टीबी मरीजों की किट हैं। फाउंडेशन ने मंगलवार को बिगड़ी टीबी के 20 मरीजों को विशेष किट दी। फाउंडेशन की सदस्य रेनू कंवर ने कहा कि टीबी एक संक्रामक और गंभीर श्वसन बीमारी है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। यह रीढ़ की हड्डी, गुर्दे, मस्तिष्क में भी फैल सकती है। टीबी मरीज को मुंह पर मास्क लगाना चाहिए। खांसी या छींक आने पर मुंह ढकना चाहिए, इसके लिए समय पर दवा लेनी चाहिए और टीकाकरण कराना जरूरी है।

ये हैं लक्षण
बिगड़ी टीबी के तीन सप्ताह से अधिक खांसी, खून आना, रात में पसीना और वजन घटना प्रमुख कारण है। यह एक गंभीर स्थिति है। इसे भी सही उपचार और लगातार दवा (6-9 महीने या अधिक) से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है, इसके लिए मरीजों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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टीबी मरीजों के निक्षय मित्र बनने के लिए और उनकी मदद के लिए दूसरे प्रदेश की संस्थाएं आगे आ रही हैं। दिल्ली की जीवदया फाउंडेशन ने 231 मरीजों को किट देने का फैसला लिया है, इनमें 31 बिगड़ी टीबी के हैं, इनमें से 20 को मंगलवार को किट दी गई है।
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- डॉ. लाभ सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी।
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