फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: तामशाबाद कट बंद, बीमारियों की दस्तक

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत/सनौली/बापौली। यमुना के नवादा-आर व पत्थरगढ़ गांवों के बीच टूटे तटबंध को छठे दिन बंद कर दिया गया। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कट को मजबूत करने के लिए मिट्टी के कट्टों को लगाना शुरू कर दिया है। यमुना में पानी तेजी से बह रहा है। सोमवार को जलस्तर 230.59 मीटर पानी दर्ज किया गया। यह चेतावनी निशान 231.50 मीटर से थोड़ा ही नीचे है। इधर यमुना से लगे गांवों में लोगों को खांसी, जुकाम व बुखार ने घेर लिया है। इधर सनौली गोशाला से पानी जमा होने पर निकाला गोवंश अब सड़कों पर आ गया है। सोमवार को एक गाय की ट्रक की चपेट आने से मौत हो गई।
विज्ञापन

केंद्रीय जल बोर्ड के जेई रोहित ने बताया कि यमुना का जलस्तर सोमवार को 230.59 मीटर दर्ज किया गया। तहसीलदार कैलाश चंद्र और सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि यमुना के टूटे तटबंधों को बंद कर दिया गया है। तामशाबाद जाने वाली सड़क में बाढ़ के पानी से 20 फुट गहरा गड्ढा बन गया है। इससे सनौली से तामशाबाद गांंव का रास्ता बंद है।


सनौली खुर्द थाने के पास स्थित चतुर्भुज गोशाला में यमुना का पानी भर गया। इससे करीब 1200 गोवंश को बाहर निकाला गया था। कुछ गोवंश प्रशासन ने दूसरी गोशालाओं में भेज दिया था। अब भी सैकड़ों गोवंश सनौली खुर्द के आसपास घूमते मिल जाएंगे। दीवाना गांव के तीन गोसेवक सुरेंद्र, सोनू व बिजेंद्र सोमवार को अपने गांव से हरे चारे की ट्राॅली लाकर गोवंश को खिलाया। इनके अलावा कुछ और गोसेवक भी आ रहे हैं। सड़क पर बेसहारा गाेवंश हादसों का शिकार हो रहे हैं। सनौली थाना के पास सड़क पर ट्रक की टक्कर से एक गाय की मौत हो गई है। गोसेवकों की मृत गाय का मिट्टी दी।
विज्ञापन

यमुना के टूटे हुए तटबंध का एक दर्जन से ज्यादा गांवों के खेतों में भरा पानी कम हो गया है। सब्जी की फसल खराब हो चुकी हैं। साथ हरे चारे का संकट पैदा हो गया है। ग्रामीण सतीश पाल, नरेश, महाबीर व कृष्ण ने बताया कि हरे चारे के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली ज्वार खराब हो गई है। आसपास के गांवों में भी चारा खरीदना मुश्किल हो गया है। हरा चारा एक बीघा करीब चार हजार रुपये मिल जाता था, लेकिन अब छह हजार रुपये हो गया है। तूड़ी 12 सौ रुपये क्विंटल हो गई है।
यमुना के टापू पर बसे रहीमपुर खेड़ी गांव में करीब 40 परिवार रहते हैं। उनमें से करीब 20 परिवार यमुना में ज्यादा पानी आने से पहले ही गांव मिर्जापुर आ गए थे और करीब 20 परिवारों को यमुना में ज्यादा पानी आने पर जिला प्रशासन ने रेस्क्यू किया था। प्रेम, दिनेश व महाबीर ने बताया कि उनका सारा सामान गांव में ही रह गया था। यह पानी भरने से खराब हो गया है। उनको राशन की मदद नहीं मिल पाई है। गोयला कलां के सरपंच अनिल का कहना है कि रहीमपुर खेड़ी के लोगों की हर संभव मदद की जाएगी।

यमुना का तटबंध टूटने के बाद सनौली खुर्द ब्लाॅक के सरकारी स्कूलों की छुट्टी हो गई थी। सोमवार को एक सप्ताह बाद स्कूल खुल गए। हालांकि पहले दिन बच्चों की संख्या कम रही। खंड शिक्षा अधिकारी कृष्णा खत्री ने बताया कि तटबंध टूटने से सनौली ब्लॉक के सरकारी व निजी स्कूलों को बंद कर दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें