कुख्यात गैंगेस्टर रहे सुरेंद्र ग्योंग का गुर्गा और जयदेव हत्याकांड का साजिशकर्ता गांव राहड़ा का सुमित तीन साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा। उसने जयदेव की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस सुरेंद्र ग्योंग के भाई जोगेंद्र के बारे में पूछताछ करेगी। जयदेव की हत्या का कारण सुरेंद्र ग्योंग की मुखबिरी माना गया है। जोगेंद्र को शक था कि उसके भाई सुरेंद्र ग्योंग की मुखबिरी जयदेव ने पुलिस को दी थी। इसके बाद उसका कैथल में एनकाउंटर किया गया था।
पुलिस ने जून 2017 में गैंगेस्टर सुरेंद्र ग्योंग का कैथल में एनकाउंटर कर दिया था। सुरेंद्र ग्योंग के भाई जोगेंद्र को शक था कि सुरेंद्र की मुखबिरी जयदेव निवासी गांव राहड़ा ने की थी। इसी रंजिश में जोगेंद्र ने जयदेव की हत्या की साजिश रची। इसमें सुमित भी शामिल था। जयदेव पानीपत में 12 दिसंबर 2017 को अपने रिश्तेदार रामेश्वर के सेवानिवृत्त होने पर आयोजित पार्टी में आया था। यहीं पर जोगेंद्र, बलजिंद्र और उसके तीसरे साथी ने जयदेव की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। जयदेव को तीन गोलियां मारी गईं थीं। इससे पहले भी जोगेंद्र जयदेव की हत्या का प्रयास कर चुका था, लेकिन वह कामयाब नहीं हुआ था। इस मामले में बलजिंद्र और सुनील पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। अब पुलिस ने इस मामले का तीसरा आरोपी सुमित पकड़ा है। अब तक मुख्य आरोपी जोगेंद्र ग्योंग फरार है।