पानीपत/सनौली। पिछले तीन दिन चली बारिश के बाद बिछी धान की फसल के लिए शनिवार देर रात को हुई बारिश आफत बन गई। दिनभर मौसम साफ रहने के बाद रात को हुई बारिश के चलते धान की फसल को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। सबसे ज्यादा नुकसान अगेती फसल को है। जिले में करीब 25 हजार एकड़ में धान की फसल बिछी हुई है। कृषि विशेषज्ञों ने इस समय की बारिश को धान की फसल के लिए नुकसानदायक बताया है।
शनिवार को दिनभर मौसम साफ रहा। किसानों ने राहत की कुछ सांस ली। शाम को एक साथ बादल घिर आए। शनिवार रात करीब नौ बजे एक साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। कुछ ही देर में बूंदाबांदी ने बारिश का रूप से ले लिया। रात करीब 10 बजे तक लगातार बारिश चली। जिले में अनुमानित पांच एमएम बारिश दर्ज की गई। किसान नर सिंह, सुनील, राजपाल, सुरेश पाल, सतीश ने बताया कि इस बार धान की फसल में पैदावार अच्छी होने की उम्मीद थी। पिछले तीन दिन से चली बारिश में धान की अगेती फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे फसल को काफी नुकसान हो गया है। किसानों की माने तो करीब 25 हजार एकड़ धान की फसल गिर गई है। अभी पांच से सात प्रतिशत नुकसान का अनुमान लगाया गया है। ऐसे में बारिश होती है तो नुकसान और भी बढ़ सकता है।
शहर में निकलने को नहीं जगह
बारिश के चलते शहर की गलियों व सड़कों में कीचड़ बन गया है। सबसे बुरी स्थिति बाहरी कॉलोनियों हैं। यहां पानी निकासी न होने पर कीचड़ बन गया है। वहीं शहर में भी टूटी सड़कों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन :
कृषि विकास अधिकारी डॉ. सुरेंद्र ने बताया कि बारिश के साथ हवा चलने से धान की अगेती फसल गिर गई है। इस समय दाना पकाई पर है। ऐसे में नुकसान हो सकता है। फसल में पैदावार भी कम हो सकती है।