पानीपत। शीतल की हत्या के रहस्य से पर्दा उठने में ज्यादा देर नहीं लगी। परिवार के लोग सुनील पर शक जता रहे थे। इसी आधार पर पुलिस ने सुनील को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की तो चुप्पी साध ली। इसी से पुलिस का उस पर शक गहरा गया। उससे सख्ती से पूछताछ हुई तो गोलमोल जवाब देने लगा। बाद में उसने हत्या करना कुबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी कर ली।
शनिवार की रात को करीब 12 बजे कार जाटल रोड और शांति नगर कॉलोनी के बीच में दिल्ली पैरलल नहर में गिरी थी। जिसकी सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया था।
साथ ही दिनभर सुनील से भी बात करने का प्रयास किया। सुनील ने चुप्पी साधे रखी। वह शीतल के साथ था। इसके बावजूद वह घटनाक्रम के बारे में भी ठीक से नहीं बता रहा था। उसकी चुप्पी से पुलिस को उस पर शक हुआ। उसने शीतल के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। शीतल का शव मिलने के बाद पुलिस का शक गहरा गया।
शीतल के परिजनों ने पुलिस को बताया कि सुनील पर ही शक है। इसकी वजह थी। शीतल बता चुकी थी कि सुनील उसे धमकी दे चुका है। शीतल को आशंका थी कि वह उसके साथ कोई अनहोनी कर सकता है। किसी ने नहीं सोचा था कि जिसे शीतल दोस्त कहती है, वह उसकी जान ले लेगा।