समालखा। हैफेड के सीजीएम और डीएम ने शनिवार को समालखा मंडी का दौरा कर गेहूं खरीद का जायजा लिया। उन्होंने अपने सामने मंडी में कांटे पर वजन कराकर जांच की। इसके साथ अधिकारियों को उत्तर प्रदेश से आने वाले गेहूं पर नजर रखने के आदेश दिए। समालखा अनाज मंडी में शनिवार तक 1,64,900 क्विवंटल गेहूं की आवक हुई है। जिसमें से 1.40 लाख क्विंटल गेहूं की सरकारी खरीद की गई। यहां खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड व वेयरहाउस कार्पोरेशन खरीद कर रही है। इसके अलावा पांच हजार क्विंटल गेहूं प्राइवेट आढ़तियों ने खरीदा है। प्राइवेट आढ़तियों ने तो खरीदे गेहूं का उठान कर दिया है, जबकि सरकारी एजेंसियों ने उठान नहीं किया है। अब तक करीब 22 हजार क्विंटल का ही उदान हो पाया है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बलजीत सिंह रुहल ने प्रशासन को गेहूं उठान में तेजी लाने की मांग की है।
प्रमुख खरीद एजेंसी हैफेड के डीएम कृपाल दास अरोड़ा व सीजीएम रजनीश शर्मा ने शनिवार को समालखा अनाज मंडी का दौरा किया। हैफेड के डीएम ने जहां गेहूं के उठान में तेजी लाने को कहा, वहीं हैफेड के सीजीएम रजनीश शर्मा ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को नमी की सही से जांच करके व साफ सफाई से गेहूं को भरवाने के आदेश दिए। अधिकारियों ने कांटे पर गेहूं के कटे का वजन भी कराकर देखा। जो सामान्य मिला। उन्होंने अधिकारियों को गेहूं का भुगतान भी जल्द कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी आढ़ती उत्तर प्रदेश की गेहूं को अपनी दुकानों पर बेचने के लिए न मंगवाए। ऐसा कोई मिलता है तो उनकेके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मार्किट कमेटी सचिव सविता जैन के बताया कि अनाज मंडी गेट पर बने धर्म कांटे की क्षमता 60 मीट्रिक टन है, जबकि प्राइवेट धर्म कांटे की क्षमता 100 मीट्रिक टन होती है। सरकारी धर्म कांटे की लंबाई 29.8 फिट तो निजी धर्मकांटा की लंबाई करीब 40 फिट है। जिस वजह से ट्रांसपोर्टर द्वारा भेजी गई बड़ी गाड़ी का वजन निजी खर्चे से बाहर प्राइवेट धर्म कांटा पर कराया जा रहा है। इसी संदर्भ में एसडीएम अमित कुमार ने मार्किट कमेटी कार्यालय में खरीद एजेंसियों के अधिकारियों व ट्रांसपोर्ट ठेकेदारों की बैठक कर निर्देश दिए की मंडी में खरीदे गेहूं के उठान में तेजी लाएं।
हैफेड के डीएम व सीजीएम ने भी किया मंडी का दौरा