पानीपत। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नौवीं, 10वीं के छात्रों को तीन भाषाओं समेत 10 विषय पढ़ने होंगे। वहीं, 11वीं, 12वीं के लिए दो भाषाएं अनिवार्य की गई हैं। सीबीएसई ने नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए कई बदलावों की घोषणा की है। नई शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई का इन बदलावों का उद्देश्य शिक्षा के स्तर को बढ़ाना है। सीबीएसई ने सभी स्कूलों को नेशनल फ्रेमवर्क को लेकर एक निर्देश दिए हैं। ये निर्देश कक्षा नौवीं, 10वीं और 11वीं, 12वीं के छात्रों के विषयों को लेकर है। वर्तमान में सीबीएसई 10वीं के छात्रों को पांच मुख्य विषय और एक वोकेशनल विषय को पढ़ना होता है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा पिछले साल से कई तरह के बदलावों की घोषणा की जा रही है। ये बदलाव नई शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे हैं ताकि शिक्षा के स्तर को बढ़ाया जाए। सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति के तहत अपने सभी स्कूलों को नेशनल फ्रेमवर्क को लेकर एक निर्देश दिए हैं। सीबीएसई ने कहा कि कक्षा नौवीं, 10वीं में बच्चे दो भारतीय भाषाओं के साथ एक विदेशी भाषा भी पढ़ेंगे। दूसरे शब्दों में, कक्षा नौवीं और 10वीं में बच्चों को अब भाषा के तीन विषयों समेत 10 विषय पढ़ने होंगे।
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सीबीएसई ने तय किए पढ़ाई के घंटे
सीबीएसई ने हर विषय के लिए पढ़ाई के घंटे भी तय कर दिए गए हैं। इसके तहत स्कूलों को तैयारी करने का निर्देश दिया गया है। इसमें लैंग्वेज, एन्वायरनमेंट एजुकेशन की 120 घंटे और विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान की 150 घंटे पढ़ाई होगी। हर विषय में छात्रों के लिए कम से कम 50 घंटे का प्रोजेक्ट वर्क भी अनिवार्य कर दिया गया है। अब आर्ट्स और फिजिकल एजुकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें आर्ट, फिजिकल और वेल बीइंग के लिए 60 घंटे दिए गए हैं।
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ये होंगे 10वीं के विषय
सीबीएसई कक्षा नौवीं-10वीं के छात्रों को तीन भाषाओं समेत 10 विषयों की पढ़ाई करनी होगी। एक भाषा अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन और स्पेनिश सहित कोई भी विदेशी भाषा हो सकती है. जबकि दो भारतीय भाषाएं हिंदी, संस्कृत, पंजाबी और बंगाली रखी गई हैं। सीबीएसई नौवीं, 10वीं में मुख्य विषयों में अभी भी तीन विषय गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान होंगे। वहीं स्किल विषयों में कंप्यूटर, फिजिकल एजुकेशन, आर्ट एजुकेशन और एन्वायरनमेंट एजुकेशन शामिल हैं। सीबीएसई कक्षा 11वीं में दो भाषा विषय और चार अन्य विषय होंगे।
वर्जन :
सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति के तहत कई बदलाव किए हैं। विद्यार्थियों को सभी विषयों में उत्तीर्ण होना होगा। अब सभी के लिए अंकों के साथ-साथ क्रेडिट सिस्टम भी होगा। किस विषय में कितना क्रेडिट है, इसे लेकर भी स्कूलों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. विनीता कुमार तोमर, प्रधानाचार्य, दयाल सिंह पब्लिक स्कूल, पानीपत।