केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और प्रदेश स्तरीय संघों के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद शनिवार को हालात सामान्य हो पाए। हालांकि सरकारी कार्यालयों में कामकाज न होने के कारण आमजन को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा है। यातायात सामान्य होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते आमजन को समस्या से दो-चार होना पड़ा था। बसें बंद के चलते यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में यहां-वहां भटकना पड़ा। शनिवार सुबह रोडवेज की बसें अपने निर्धारित समय से रूटों पर रवाना हुई। जिससे यात्रियों को राहत मिली है। वहीं सरकारी कामों लिए लोगों को सोमवार का इंतजार करना पड़ेगा। समालखा निवासी श्यामलाल, प्रदीप और अजीत ने बताया कि शुक्रवार को हड़ताल के चलते सरकारी कार्यालय बंद रहे थे।
रोडवेज को लाखों का फटका
रोडवेज को बसों से रोजाना करीब 12 लाख रुपये राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान बसें बंद होने के कारण लाखों रुपये का फटका लगा है। हालांकि 30 प्रतिशत तक बसें चलाई गई थी। लेकिन यात्रियों को इनसे खास सुविधा नहीं प्राप्त हो सकी।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान 70 से अधिक बसें चलाई गई थी। लेकिन हड़ताल से राजस्व पर असर पड़ा है। रोडवेज रोजाना करीब 12 लाख रुपये राजस्व है।
एमएस खर्ब, जीएम, रोडवेज, पानीपत।