माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना के बाद पानीपत प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। शहर में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले 22 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अंतिम नोटिस जारी कर चेतावनी दी।
अभियान के दौरान शुक्रवार को दूसरे दिन टीम ने जीटी रोड और सुखदेव नगर क्षेत्र में स्थित कोचिंग सेंटरों, होटलों, गेस्ट हाउसों और अन्य व्यावसायिक भवनों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सबसे अधिक लापरवाही होटलों में सामने आई। 22 में सात ऐसे प्रतिष्ठान भी शामिल हैं जिन्हें पहले के निरीक्षण में भी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे।
शुक्रवार सुबह जिला दमकल अधिकारी गुरमेल सिंह और पुलिस इंस्पेक्टर फतेह सिंह के नेतृत्व में विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया। सुखदेव नगर और जीटी रोड स्थित होटलों की जांच के दौरान कई स्थानों पर अग्निशमन के इंतजाम नाकाफी मिले।
जांच किए गए प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में फायर एनओसी, पर्याप्त वेंटिलेशन और आपातकालीन निकास जैसी व्यवस्थाओं का अभाव मिला। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कमियां दूर न करने पर प्रतिष्ठानों को सील कर दिया जाएगा।
विशेष टीम ने किया 15 होटलों का निरीक्षण
विशेष टीम ने 15 होटलों का निरीक्षण किया, जिनमें से 11 में सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं। इसके अलावा तीन गेस्ट हाउसों की जांच की गई। पहले से नोटिस प्राप्त दो गेस्ट हाउसों सहित कुल पांच को नोटिस जारी किए गए। पांच व्यावसायिक भवनों, एक कोचिंग सेंटर और एक रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया गया। कोचिंग सेंटर में भी फायर सेफ्टी नियमों की पालना नहीं मिली। इस दौरान जिला दमकल अधिकारी गुरमेल सिंह और लीडिंग फायर अधिकारी अमित गोस्वामी ने विद्यार्थियों को आग लगने की स्थिति में बचाव और आग पर काबू पाने के तरीके भी बताए।
सुरक्षा नियमों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा। लखनऊ की घटना से सबक लेते हुए शहर के सभी भीड़-भाड़ वाले व्यावसायिक भवनों और कोचिंग सेंटरों की बारीकी से जांच की जा रही है। 22 भवनों को अंतिम नोटिस दिया गया है। इन्होंने तय समय में नियमों का पालन नहीं किया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
-गुरमेल सिंह, जिला दमकल अधिकारी।