बापौली। भलौर गांव में पूर्व सरपंच के कार्यकाल में निर्माण कार्यों की जांच शुरू हो गई है। एसडीओ पंचायती राज ने खुद जाकर मौका देखा। बताया जा रहा है कि स्टेडियम की नींव खुदाई के दौरान ईंट मिलना तो दूर छह फुट तक खुदाई करने पर नींव तक नहीं मिली। अधिकारियों ने इस पर कड़ी कार्रवाई करने का फैसा लिया है।
एसडीएम समालखा गौरव कुमार के निर्देशानुसार बुधवार को बीडीपीओ बापौली बिजेंद्र सिंह ने एसडीओ पंचायती राज सुरेश व पंचायत अधिकारी बिजेंद्र राठी सहित टीम के साथ भलौर गांव में पहुंचकर पूर्व सरपंच सरोज रानी द्वारा गांव में अपने कार्यकाल के दौरान कराएं गए निर्माण कार्यों की खुदाई करवाकर जांच कर पैमाइश की और मौके पर मौजूद ग्रामीणो से पूछताछ कर उनके ब्यान दर्ज किए। गौरतलब है कि भलौर गांव के सरपंच भूपेंद्र धीमान ने नौ नवंबर को एसडीएम समालखा गौरव कुमार को गांव की पूर्व महिला सरपंच सरोज रानी द्वारा निर्माण कार्यों में किए गए घोटालों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी। एसडीएम समालखा ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाइ्र करते हुए मौके पर ही बीडीपीओ बापौली बिजेंद्र सिहं को जांच देकर 21 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
लेकिन बीडीपीओ ने निर्धारित समय से भी एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नही की। जिस पर ग्रामीणो ने प्रशासन के खिलाफ मंगलवार को प्रदर्शन कर नारेबाजी की और प्रशासन पर जांच के नाम पर लीपापोती करने का आरोप लगाया था। जिस पर बीडीपीओ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारीयों की कुंभकर्णी नींद खुली और बुधवार को सुबह होते ही अपनी टीम के साथ भलौर गांव में पहुंचे और जांच शुरू की। आरोप है कि पूर्व सरपंच द्वारा एक गली निर्माण पर करीब 10 लाख रुपये खर्च दिखाए थे। उक्त राशि को ग्राम पंचायत के खाते से अधिकारियों व कर्मचारियो की सांठ-गांठ से निकाल लिए गए थे। जबकि गली के निर्माण में एक ईंट भी नही लगी है।
एसे ही स्टेडियम निर्माण के लिए भी करीब साढ़े सात लाख रुपये ग्राम पंचायत के खाते से निकाल लर ए थे और निर्माण के नाम पर ईंट लगाना तो दूर बल्कि मात्र सात फुट भी नींव को नहीं खोदा गया है। इतना ही नही स्टेरउयम निर्माण के लिए भी 6.20 लाख रुपये पंचायत के खाते से निकाल लिए और नींव को छह फुट भी नहीं खोदा गया है। सरंपच ने एसडीएम समालखा को बताया था कि करीब तीन-चार माह पहले भी उसने लिखित में शिकायत पत्र देकर गांव के निर्माण कार्य में किए गए लाखों के घोटालो की जांच करने की गुहार लगाई थी। लेकिन बीडीपीओ बापौली द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और इसकी शिकायत सीएम विंडो में भी कर चुके हैं, लेकिन बीडीपीओ बापौली द्वारा इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, बल्कि सीएम विंडो की शिकायत को भी अनदेखा किया जा रहा है।