पानीपत। सनौली रोड स्थित श्री सिद्ध बाबा कांशीगिरी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को दूसरा दिन रहा। कथा व्यास वृंदावन धाम से अतुल कृष्ण शास्त्री रहे। उन्होंने शुकदेव द्वारा श्रीकृष्ण कुंती संवाद और भीष्म स्तुति सुनाई। कथा शाम चार से सात बजे तक चली। मंच संचालन वेद बांगा ने किया।
चेयरमैन सचिन चुघ ने बताया कि कथा का आयोजन श्री राधावल्लभ सत्संग परिवार एवं चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। श्रीमद्भागवत कथा 8 से 14 अगस्त तक चलेगी। कथा के दूसरे दिन शुकदेव ने श्री कृष्ण कुंती संवाद और भीष्म स्तुति सुनाई। श्री वृंदावन धाम की रज की महिमा, यमुना की महिमा व वहां की लता पता की महिमा भी बताई गई। अतुल कृष्ण शास्त्री ने बताया कि वृंदावन कहना और जाना बहुत आसान है। पर वृंदावन को अपने हृदय में बसाना कोई मजाक नहीं है।
श्री राधा रानी के चरण गुलाब की पंखुड़ियों से भी कोमल हैं और श्री वृंदावन की रज के कण कण पर प्रिया लाल के चरण चिह्न अंकित हैं। कथा सुनने के लिए आस-पास से सैकड़ों लोग पहुंचे। कथा समापन पर सभी को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष गुलशन बरेजा, प्रधान हरीश खुराना, सचिव मोहित आहूजा, संयोजक रवि आहुजा उपस्थित रहे।