पानीपत। नवनिर्मित स्टेडियम में जिले का पहला सिंथेटिक ट्रैक बनकर तैयार हो चुका है। इसके पूरा होने से जिले के हजारों खिलाड़ियों के चेहरे खिल गए। अब वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी कर सकेंगे। सिंथेटिक ट्रैक और अन्य आउटडोर गेम्स के ग्राउंड फिलहाल खेल विभाग को नहीं सौंपे गए हैं। एसडीओ सत्यप्रकाश सिंगला ने बताया कि इसे खेल विभाग को सौंपने के बाद ही खिलाड़ी यहां अभ्यास कर सकेंगे।
कोरोना महामारी में काम रुकने के कारण सिंथेटिक ट्रैक अन्य आउटडोर गेम्स का ग्राउंड 18 महीने की जगह 20 महीने में बनकर तैयार हुआ है। इस ट्रैक का निर्माण कार्य 27 सितंबर 2019 को शुरू हुआ था। इसे 26 मार्च 2021 को पूरा करने के बाद खेल विभाग को सौंपना था, लेकिन स्टेडियम बनने में तय समय के मुताबिक दो माह ज्यादा लग गए। जिला खेल अधिकारी एवं उपायुक्त ने स्टेडियम का दौरान कर कुछ कमियां पाई थीं, जिन्हें दूर करने के लिए कहा गया था। ये भी जल्द दूर कर दी जाएंगी।
दूसरे जिलों में जाकर सिंथेटिक ट्रैक पर करते थे तैयारी
सिंथेटिक ट्रैक न होने के कारण खिलाड़ियों को सोनीपत या करनाल जाकर अभ्यास करना पड़ता था, लेकिन अब वे पानीपत में ही तैैयारी कर पाएंगे। उनका 40 से 50 किलोमीटर का चक्कर बचेगा। रोज आने और जाने में लगने वाला समय भी खिलाड़ी अभ्यास में लगा सकेंगे।
8.35 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ है आउटडोर गेम्स स्टेडियम
स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक समेत अन्य आउटडोर गेम्स ग्राउंड को बनाने में 8 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत लगी है। इसमें एक साथ 200 खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे वहीं मैच के दौरान पहले राउंड में एक साथ 20 और फाइनल मैच में 8 खिलाड़ी एकसाथ दौड़ सकेंगे। यह सिंथेटिक ट्रैक अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनाया गया है।
जिले के खिलाड़ियों को जल्द मिलेगा तोहफा : राज यादव
करीब दो महीने पहले उपायुक्त के साथ दौरान किया गया था। जिसमें घास लगाए जाने, खिलाड़ियों के चेंजिंग रूम और स्टेज के बड़ा होने की खामी मिली थी। इस कमियों के दूर हो जाने के बाद खेल विभाग स्टेडियम का हैंडओवर लेगा।
- राज यादव, जिला खेल अधिकारी