पानीपत। एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) एलिवेटेड हाईवे की ड्रेनेज पाइप के टूट कर 25 फीट नीचे जीटी रोड पर गिरने के मामले को गंभीरता से लेते हुए एनएचएआई ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ की टीम को थर्ड पार्टी के रूप में शामिल किया है। वहीं जिला प्रशासन की टीम भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। एनएचएआई एलिवेटेड हाईवे के डिजाइन और इसके वर्तमान स्ट्रक्चर का भी मिलान कर रहा है। इसमें स्ट्रक्चर में किसी प्रकार के बदलाव की भी शंका से देखा जा रहा है। टीम ने हादसा स्थल का मौका मुआयना करने के साथ दूसरे स्थान पर लगी ड्रेनेज पाइप की स्थिति को भी जांचा है। इसके साथ टोल कंपनी के अधिकारियों से भी रिपोर्ट ली। ऐसे में टोल कंपनी एलएंडटी के अधिकारियों की भी मुश्किल बढ़ती नजर आ रही हैं
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफि इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशीम बंसल बुधवार को पानीपत पहुंचे। उनके साथ पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ की टीम भी साथ थी। एलएनटी के अधिकारियों को साथ लेकर एलिवेटेड हाईवे के हादसा स्थल संजय चौक पर पहुंचे। इस दौरान प्रशासन की ओर से गठित कमेटी के चेयरमैन एसडीएम पानीपत मनदीप सिंह, ट्रैफिक डीएसपी सुरेश कुमार और थाना शहर प्रभारी राजबीर भी पहुंचे। उनके साथ पीडब्ल्यूडी के एसडीओ तकनीकी अधिकारी के रूप में शामिल रहे। एनएचएआई के अधिकारियों ने पाइप के साथ इसमें भरी गाद के साथ टूटे लोहे के लॉक को भी देखा। इसके साथ दूसरे स्थान पर भी पाइप को देखा। टीम ने हर विषय को बारीकी से जाना। इसके साथ एलिवेटेड हाईवे के डिजाइन और वर्तमान स्ट्रक्चर का भी मिलान किया। इसमें ड्राइंग और स्ट्रक्चर में अंतर को देखा गया। टीम ने पाइप के भी सैंपल लिए और अन्य कई बिंदुओं की जांच की। टीम ने इसके बाद जीटी रोड स्थित एलएंडटी के कार्यालय में भी टीम पहुंची। यहां अधिकारियों ने कई विषयों पर मंथन किया।
इन बिंदुओं पर रही घूम रही एनएचएआई की जांच
-एलिवेटेड हाईवे के डिजाइन और स्ट्रक्चर में कोई अंतर तो नहीं है।
-ड्रेनेज पाइप की लाइफ कितनी है और इसकी सफाई कितने दिन में की जाती है?
-एलएंडटी इनकी सफाई के लिए क्या कुछ करती है?
-बाकी हिस्से की ड्रेनेज पाइप की स्थिति कैसी है?
-ड्रेनेज पाइप बदलवाने या मरम्मत की स्थिति में है या नहीं?
-
लोडेड गाड़ी के चालक ने शिकायत दर्ज कराई
हरिनगर निवासी प्रवीण कुमार बुधवार को थाना शहर पहुंचे। उनके साथ समाजसेवी गौरव लिखा व अन्य कई लोग शामिल रहे। प्रवीण कुमार ने थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कि सोमवार को संजय चौक पर एलिवेटेड हाईवे से ड्रेनेज पाइप टूट कर उसकी गाड़ी के ऊपर आ गिरी थी। उसके भाई विमल के सिर व पैर में चोट लगी थी और उसकी गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। यह सब एलएंडटी कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही के चलते हुआ है। इसमें एक मुकदमा पहले ही दर्ज है। थाना शहर प्रभारी राजबीर सिंह ने इस हादसे में सभी वाहन चालक और घायल अभी तक सामने नहीं आए हैं। वे आगे आकर अपने बयान दर्ज करा सकते हैं। इसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी और वाहन चालकों को मुआवजा भी दिया जाएगा।
दोनों तरफ ढाई-ढाई किमी. की पाइप का खतरा
एलिवेटेड हाईवे की दोनों तरफ ढाई-ढाई किलोमीटर की ड्रेनेज पाइप लगाई गई है। टोल कंपनी ने करीब 200 मीटर पर पाइप को नीचे उतारा गया है। संजय चौक पर एक हिस्से का टुकड़ा सोमवार को गिर गया था। अब बाकी हिस्से के भी गिरने का डर लोगों को सता रहा है। वाहन चालक इससे हटकर चलते हैं।
यह है मामला
एलिवेटेड हाईवे की ड्रेनेज पाइप का करीब 200 मीटर टुकड़ा सोमवार को दोपहर बाद करीब ढाई बजे जीटी रोड पर चल रही गाड़ियों पर गिर गया था। इसमें गाद और दूषित पानी भरा हुआ था। करीब दस इंच मोटे 200 मीटर पाइप में करीब 50 क्विंटल गाद भरने का अनुमान है। इसके नीचे एक स्वीफ्ट डिजायर और लोडेड गाड़ी समेत करीब आधा दर्जन कार और मोटरसाइकिल दब गई थी। इसमें सोनीपत के छतेहरा गांव निवासी कृष्ण, कैराना निवासी नौशाद और हरिनगर निवासी विमल समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। प्रशासन ने इस मामले में एसडीएम पानीपत के नेतृत्व में पांच सदस्यीय मजिस्ट्रेट जांच बैठा दी थी।
वर्जन :
पानीपत में एलिवेटेड हाईवे की ड्रेनेज पाइप गिरने का हादसा गंभीर है। इसका थर्ड पार्टी से सर्वे कराया जा रहा है। इसमें डिजाइन और स्ट्रक्चर दोनों का मिलान किया जाएगा। इसके साथ ड्रेनेज पाइप के टूटने और बाकी की पाइप के बारे में भी जांच की है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। एनएचएआई इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।
आशीम बंसल, प्रोजेक्टर डायरेक्टर, एनएचएआई अंबाला।
वर्जन :
एनएचएआई के अधिकारियों के साथ संजय चौक स्थित हादसा स्थल का मुआयना किया है। यहां कई बिंदुओं पर जांच की है। स्थानीय टीम से तकनीकी जानकार के रूप में पीडब्ल्यूडी के एसडीओ शामिल थे। इस मामले में जल्द ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
मनदीप सिंह, एसडीएम एवं अध्यक्ष जांच कमेटी।