संवाद न्यूज एजेंसीपानीपत। प्रसिद्ध अफ्रीकी-अमेरिकी गांधीवादी विद्वान और शांति कार्यकर्ता डॉ. एंथोनी मोंटेइरो ने कहा कि भारत सहित दुनिया के सभी देशों का भविष्य बच्चे हैं। ऐसे न्यायपूर्ण विश्व के निर्माण की जरूरत है, जहां रंगभेद, नस्लवाद, असमानता और हर तरह के शोषण का अंत हो। इसके लिए बच्चों में बचपन से ही समानता, मानवीय संवेदना, न्याय और शांति के मूल्यों को विकसित करना जरूरी है।
डॉ. मोंटेइरो पानीपत स्थित निर्मला देशपांडे संस्थान (एनडीएस) द्वारा संचालित हाली अपना स्कूल में विद्यार्थियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रंगभेद और नस्लवाद केवल अमेरिका के गैर-श्वेत समुदायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती हैं। उन्होंने अपने भारत दौरे को गांधी, मार्टिन लूथर किंग जूनियर और डब्ल्यूईबी डू बोइस के विचारों तथा शांति, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के साझा संघर्षों को समझने का महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद बच्चों ने शिक्षा, सामाजिक बदलाव, नस्लीय भेदभाव, समान अवसरों और भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े सवाल पूछे। डॉ. मोंटेइरो ने उनके सवालों के जवाब देते हुए शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बताया और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। स्कूल की प्रिंसिपल पूजा सैनी ने शैक्षणिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों की जानकारी दी।
खादी आश्रम में गांधीवादियों से भी किया संवाद : जीटी रोड स्थित खादी आश्रम में दोपहर बाद गांधीवादियों के साथ भी विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता खादी आश्रम और पानीपत नागरिक मंच की अध्यक्ष निर्मल दत्त ने की, जबकि गांधी ग्लोबल फैमिली के महासचिव एडवोकेट राम मोहन राय ने संचालन किया।बच्चों में समानता के मूल्यों का बीजारोपण जरूरी : डॉ. मोंटेइरो