समालखा। कस्बे की अनाज मंडी स्थित किसान विश्राम गृह का रार थमने का नाम नहीं ले रही है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र उर्फ सोनू मालपुरिया ने अपने समर्थकों के साथ शुक्रवार को पानीपत किसान भवन के प्रधान सूरजभान रावल, उनके समर्थकों पर चोरी से विश्राम गृह से सामान उठा ले जाने का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दी। इतना ही नहीं सोनू मालपुरिया ने थाने में पुलिस और प्रशासन के साथ बैठक कर विश्राम गृह को खुलवाने के लिए दबाव बनाया लेकिन प्रशासन ने उनकी विश्राम गृह को खोलने की मांग ठुकरा दी।
उल्लेखनीय है कि समालखा अनाज मंडी में मार्केट कमेटी द्वारा किसान विश्राम गृह बनाया गया है। जिस पर पिछले करीब दो साल से सोनू मालपुरिया कुछ किसानों को यहां ठहराया हुआ़ है। मार्केट कमेटी प्रशासन द्वारा कई बार विश्राम गृह को खाली करने के लिए सोनू मालपुरिया को नोटिस भी जारी किया गया लेकिन किसान इस पर काबिज रहे। वीरवार को पानीपत किसान भवन के प्रधान सूरजभान व उसके समर्थक किसान समालखा विश्राम गृह में बैठक करने पहुंचे। उस समय सोनू मालपुरिया नरेश टिकैत के साथ हांसी में व्यस्त होने के कारण उसने अपने कुछ समर्थकों को भेजा जिन्होंने दूसरे पक्ष को यहां बैठक करने से रोकना चाहा। झगड़े के आसार देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को विश्राम गृह से बाहर निकल उस पर मार्केट कमेटी की ओर से ताला लगवा दिया गया।
शुक्रवार सुबह सोनू मालपुरिया व उसके समर्थक किसान विश्राम गृह का ताला खुलवाने के लिए अनाज मंडी में एकत्रित हुए। उन्होंने दूसरे पक्ष पर विश्राम गृह से किसानों का जरूरत का सामान चोरी करने का आरोप लगाया और पुलिस को लिखित शिकायत दी। वहीं किसानों के एकत्रित होते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। उन्हें थाना बुलाया गया। जहां सोनू मालपुरिया व उसके समर्थक तो नारेबाजी करते हुए पहुंच गए लेकिन दूसरा पक्ष नहीं पहुंचा। जहां सोनू मालपुरिया ने थाना में एसएचओ फूल कुमार की अनुपस्थिति में मार्केट कमेटी के सचिव ओमप्रकाश व कार्यकारी अभियंता विनय रावल समेत समालखा चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह के साथ बैठक की। विश्राम गृह को किसानों के लिए खुलवाने के लिए सोनू मालपुरिया ने पुलिस व प्रशासन पर दबाव बनाया लेकिन जब प्रशासन पर कोई असर नहीं हुआ तो सोनू मालपुरिया ने प्रशासन से किसानों का बहुत जरूरी सामान विश्राम गृह से निकालने का आग्रह किया। प्रशासन ने उनकी इस मांग को भी ठुकरा दिया।
मार्केट कमेटी के कार्यकारी अभियंता विनय रावल ने बताया कि यह सरकारी विश्राम गृह है। जिसे मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों को जे फार्म होने पर ही ठहरने की इजाजत दी जाती है। सोनू मालपुरिया व उसके समर्थकों ने इस पर कब्जा किया हुआ था। जिसे पुलिस की मदद से खाली करवाया गया है। अगर किसानों का कोई सामान रखा हुआ है तो उसे एक दो दिन बाद पुलिस की निगरानी में ही खोला जाएगा।