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सोनीपत और जींद का 75 हजार का इनामी काबू

Sun, 22 Jan 2017 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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पानीपत - फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
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समालखा। एसआईटी पानीपत ने प्रश्न उर्फ लंबू और धर्मराज पहलवान गैंग के शार्प शूटर विशाल उर्फ माया को बिहौली रोड पर गढ़ी छाजू के पास से दबोच लिया। पकड़े जाने के दौरान बदमाश ने पुलिस पर भी फायर झोंक दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से दो पिस्टल, चार कारतूस और एक खोल बरामद किया है। गिरफ्तारी के समय वह यूपी भागने की फिराक में था। आरोपी सोनीपत और जींद पुलिस का वांछित है। उस पर 75 हजार का इनाम भी घोषित है। आरोपी इन दोनों जिलों में हत्या और हत्या के प्रयास के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
एसपी की स्पेशल पुलिस टीम ने गढ़ी छाजू मोड़ के पास खड़े विशाल उर्फ माया निवासी मोहाना, सोनीपत को काबू किया है। एसआई सुल्तान सिंह ने बताया कि विशाल अपने साथी धर्मराज ठेकेदार गुमड़ के इंतजार में वहां खड़ा था। पुलिस के अनुसार विशाल पर सोनीपत पुलिस ने पचास हजार और जींद पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। पुलिस ने विशाल को शनिवार को कोर्ट में पेश किया। वहां सेे उसे तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
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इन मामलों में है शामिल
पुलिस के अनुसार विशाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर तीन लोगों की हत्या की थी। इसमें अगस्त 2015 में उसने अपने साथी अंकित, संदीप, सोमबीर के साथ मिलकर सोनीपत रेलवे स्टेशन पर मोहित खेवड़ा की चाकू और सूआ मारकर हत्या कर दी थी। इसी साल ही गन्नौर गोशाला के प्रधान सोनू पंघाल की हत्या की। जून 2016 में अपने साथियों काला मौठ, धर्मराज गुमड़, दुखी, प्रदीप, प्रवीन आशु और लंबू के साथ सफीदों में शराब के ठेकेदार नरेंद्र राठी की हत्या कर दी। विशाल ने धर्मराज गुमड़, अमित गागोली, सुरेंद्र नारनौंद, प्रश्र उर्फ लबू, सोमबीर लाखु बुआना, अजीत सिटावली के साथ मिलकर 2015 में ही गुमड़ सर्विस स्टेशन पर शीलू उर्फ सुनील को गोली मारी थी। इस हमले में शीलू बच गया था। अप्रैल 2016 में दुखी, राजेश, काला मौठ, काला अलेवा, कुलदीप पनिहारी, नितिन के साथ बंटी सरदार को कार्यालय में घुसकर गोली मारी थी। लेकिन, वह बच गया। इस हमले में तीन अन्य जख्मी हो गए थे। मई 2016 में उसने विशाल, प्रवीन, आशु और दुखी के साथ मिलकर बाइक पर जींद के सेक्टर में एक व्यक्ति को गोली मारी थी। उसी दिन उसने नरवाना में साथी दुखी के साथ हुई लड़ाई का बदला लेने के लिए तीन लोगों को गोली मारी थी।
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