पानीपत। महाकुंभ में भंडारे की सेवा को लेकर औद्योगिक शहर के लोग आगे हैं। वे धार्मिक व सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर महाकुंभ में सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। महाकुंभ के शुरू होते ही सेवा कार्य में गए थे। वे अब ग्रुप में बंटकर सेवा कर रहे हैं। कुछ लोग वापस आ चुके हैं और कुछ लोग मंगलवार को प्रयागराज गए हैं। ऐसे में पूरे महाकुंभ में पानीपत से लोग सेवा कार्यों के लिए जाने को तैयार हैं।
सेक्टर-12 निवासी बिजनेसमैन सचिन चुघ ने बताया कि वह टिकाणा श्री सती भाई साई दास उदासीन आश्रम कलानौर के आशीर्वाद से भंडारे की सेवा में शामिल रहा है। वह 14 जनवरी को पानीपत से प्रयागराज गए थे और बुधवार 22 जनवरी को लौटे हैं। यहां 10 जनवरी से एक मार्च तक शिविर चलेगा। उनके साथ करतार चुघ, संजय चुघ, भारत भूषण नंदा, जीत, रमन नारंग, तरुण खुराना भी शिविर की सेवा में लगे हुए थे। वे बुधवार सुबह ही सेवा कार्यों से वापस आए हैं।
नमन चुघ और उसके दोस्तों का ग्रुप रवाना
नमन चुघ ने बताया कि प्रयागराज में सेवा कार्यों के लिए मंगलवार शाम को पानीपत से रवाना हुए थे। उन्होंने बुधवार सुबह शिविर में सेवा संभाल ली है। वे यहां करीब दस दिन तक सेवा करेंगे। उनके साथ उनके दस युवा साथी हैं। हर कोई सेवा कार्यों को लेकर उत्सुक है। उन्होंने बताया कि सेवा कार्य के लिए टीम बनाई हुई है। एक टीम को सात-आठ दिन की सेवा दी जाती है। एक ग्रुप के बाद दूसरा ग्रुप पहुंचता है। ऐसे में उनके कार्य भी चलते रहते हैं।
चाय और खाने का पूरा दिन चलता भंडारा
सचिन चुघ ने बताया कि प्रयागराज के सेक्टर-18 तुलसी मार्ग में शिविर लगाया गया है। यहां नौ से चार बजे तक भंडारा चलता है। इसके बाद दो घंटे का आराम दिया जाता है। शाम को छह बजे दोबारा भंडारा शुरू कर दिया जाता है। यह रात्रि 11 बजे तक चलता है। इसके साथ सुबह पांच बजे चाय की सेवा चलती है। यह रात 10 बजे तक लगातार चलती है। यहां चार से पांच हजार सुबह और छह से सात हजार लोग शाम के समय भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते हैं। यहां स्टील के बर्तन में प्रसाद परोसा जाता है। उनको भरपेट भोजन कराया जाता है।