झाडू-पोचा कर किसी तरह जीवन बसर करने वाली अंजू से बुधवार को सिविल अस्पताल में आरोपी पैसे झपटकर ले गया। इससे पहले कि अंजू कुछ समझ पाती बहुत देर हो चुकी थी।
अब उसके पास सिवाय दुख जताने के कुछ नहीं बचा था। सिविल अस्पताल में एक के बाद हो रही झपटमारी की घटनाओं ने यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चिकित्सा अधीक्षक भी कार्रवाई करने का भरोसा देकर पीछे हट गए।
मामला बुधवार दोपहर करीब एक बजे सिविल अस्पताल के दवा स्टोर का है। गांव भैंसवाल की अंजू सिविल अस्पताल में दवाई लेने आई थी। अंजू को कई दिनों से खांसी-जुकाम एवं बुखार की शिकायत थी।
डाक्टर से दवाई लिखवाने के बाद अंजू सिविल अस्पताल की डिस्पेंसरी में कतार में खड़ी हो गई। इस दौरान उसके हाथ में पर्स व मोबाइल फोन था।
दोपहर करीब डेढ़ बजे एक युवक उसके हाथ से पर्स और मोबाइल छीनकर भाग गया। भागते हुए युवक के हाथ से मोबाइल फोन गिर गया।
अंजू जब तक मोबाइल को संभालती तब तक आरोपी मौके से भाग चुका था। अंजू ने बताया कि वह लोगों के घरों में झाडू पोचा लगाकर मुश्किल से दो-तीन हजार रुपये कमाती है। कई दिनों से खांसी और बुखार की शिकायत हो रही थी। जैसे-तैसे इलाज के लिए पैसे जुटाए और अस्पताल में पहुंची थी। लेकिन उसकी सारी खून-पसीने की मेहनत को युवक छीनकर ले गया।
महिला ने बताया कि उसके पर्स में 2,040 रुपये थे। अब उसको घर का खर्च चलाने में मुश्किल आएगी। वहीं अस्पताल परिसर में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 250 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अब सिविल अस्पताल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा।
अस्पताल में महिला से पर्स छीने जाने के मामले की सूचना मेरे पास नहीं आई है। इस मामले में सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ कर जांच कराई जाएगी। वे सिक्योरिटी को टाइट करेंगे।
डॉ. एसके गुप्ता, एमएस, सिविल अस्पताल, पानीपत