सनौली। यूपी और हरियाणा की सीमा से शामली पुलिस ने स्मैक की खेप बरामद की है। पुलिस टीम ने पानीपत के सनौली थाना क्षेत्र के गढ़ी बेसक निवासी गय्यूर समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया। वहीं तीन तस्कर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने दावा किया है कि स्मैक की यह खेप कोरियर के माध्यम से राजस्थान से मंगवाई गई थी। खेप पानीपत और आस-पास के जिलों में सप्लाई की जानी थी। शामली पुलिस ने स्मैक की अनुमानित कीमत 4.10 करोड़ रुपये होने का दावा किया है। शामली पुलिस की कार्रवाई के बाद सनौली थाना पुलिस भी सक्रिय हो गई है और नेटवर्क की जड़े खंगालने में जुटी है। एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात को कैराना थाना पुलिस और एसओजी शामली ने खुरगान रोड पर भारत नर्सिंग होम के पीछे नवीन उर्फ धोनी निवासी गंदराऊ के मकान में छापेमारी की थी। जहां से टीम ने टीम ने 4.10 किग्रा स्मैक और 33 हजार रुपये की नकदी बरामद की।
पुलिस ने मौके से नवीन और सनौली थाना क्षेत्र के गढ़ीबेसक निवासी गय्यूर को गिरफ्तार किया। वहीं, उनके तीन साथी इंतजार व फारूक निवासी गांव बसेड़ा थाना कैराना तथा सावेज निवासी कांधला मौके से भाग गए। पुलिस ने बताया कि बरामद स्मैक की कीमत 4.10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कोरियर से मंगवाते थे खेप : पूछताछ में आरोपियों ने तस्करी का नया खुलासा किया है। आरोपी गय्यूर ने बताया कि वह राजस्थान से स्मैक की खेप मंगवा रहे थे। वह विक्रम नाम के एक व्यक्ति से फोन पर संपर्क करते थे। इसके बाद कोरियर के माध्यम से खेप मंगवाई जाती थी। स्मैक की खेप मंगवाने के बाद उसमें मिलावट की जाती थी। आरोपी ने बताया कि स्मैक में मिलावट का काम नवीन उर्फ धोनी के घर पर चल रहा था। जहां वह छोटी फैक्ट्री चलाते थे और स्मैक की पुडिया बनाते थे। इसके बाद स्मैक की पुडिया सप्लायरों को दी जाती थी।
शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर व हरियाणा के पानीपत, करनाल और आस-पास के जिलों में सप्लाई होनी थी। एसपी ने बताया कि यह पेशेवर गैंग है। अन्य छह आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।