पानीपत में दैनिक वेतन भोगी कर्मियों ने सहकारी चीनी मिल प्रशासन और सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए क्रमिक अनशन छोड़कर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
यूनियन ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक भूख हड़ताल से नहीं उठेंगे। पानीपत सहकारी चीनी मिल के सामने शनिवार को दैनिक वेतन भोगी यूनियन, पानीपत के बैनर तले छह कच्चे कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठ गए।
शुगर मिल में कार्यरत कच्चे कर्मचारी पक्के किए जाने की मांग को लेेकर 31 अक्तूबर से धरने बैठे हैं। इसके बाद पांच नवंबर से यूनियन से जुड़े दो कर्मचारी हर रोज क्रमिक अनशन कर रहे थे। अब यूनियन के प्रधान भीम सिंह, सुभाष, जय प्रकाश, राजिंद्र राजू और हरिपाल अनिश्चितकाल भूख हड़ताल पर बैठ गए।
प्रधान भीम सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के संघर्ष के बाद भी मिल प्रशासन व सरकार ने उनकी सुध नहीं ली है। अब आरपार की लड़ाई का समय आ गया है। कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर 31 अक्तूबर से धरना और पांच नवंबर से क्रमिक अनशन कर रहे हैं।
इसके बाद भी उनकी कोई चिंता नहीं हैं। सरकार और मिल प्रशासन उनको लंबे समय से बहकाते आ रहे हैं। सैकड़ों कच्चे कर्मचारी 30 वर्षों से भी ज्यादा लंबे समय से मिल में सेवा करते आ रहे हैं। उनकी मेहनत और ईमानदारी की कोई कदर नहीं की।
इसलिए कच्चे कर्मचारियों न थक हार कर प्रदर्शन का रास्ता चुना है। यूनियन ने चेतावनी दी कि जब तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाएगा तब उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। इस अवसर पर बलबीर, कुलदीप, शमशेर, राजेंद्र, रणबीर, कर्मबीर, वीरेंद्र, नरेश, कृष्ण और जगदीश मौजूद रहे।