संवाद न्यूज एजेंसीपानीपत। इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी के बोहली रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के बीटीपीएन वैगन से नाफ्था तेल चोरी के प्रयास के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पानीपत ने बड़ी कार्रवाई की है। आरपीएफ ने मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे मनोज जैन उर्फ मोनू और रेलवे के स्टेशन मास्टर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अब तक नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
गिरोह में रेलवे अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ बाहरी लोग भी शामिल थे। टीम ने वारदात में इस्तेमाल ट्रक, दो मोटरसाइकिल, पाइप और तेल निकालने के अन्य उपकरण बरामद किए हैं। घटना 18 अगस्त की है। बोहली स्टेशन पर खड़े बीटीपीएन वैगन से तेल निकालने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान आईओसीएल अधिकारियों की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। उन्हें देखते ही आरोपी ट्रक, वाहन और सामान छोड़कर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची आरपीएफ ने सामान जब्त कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (समन्वय), दिल्ली के दिशा-निर्देश और आरपीएफ प्रभारी दिनेश कुमार मीणा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने 24 अगस्त को बोहली स्टेशन के पास से बाहरी आरोपी विनीत कुमार निवासी आजाद नगर, पानीपत और चंदन कुमार निवासी बदायूं, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया।
15 दिन पहले रची थी तेल चोरी की साजिश : पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पानीपत के हुडा सेक्टर-11 निवासी मनोज जैन उर्फ मोनू ने करीब 15 दिन पहले उनसे संपर्क किया था। आरोप है कि मनोज ने बोहली स्टेशन के स्टेशन मास्टर गोविंद नारायण मीणा निवासी सवाई माधोपुर, राजस्थान से साठगांठ कर रेलवे के तेल टैंकरों से चोरी की योजना बनाई।
जांच के अनुसार, विनीत ने तेल निकालने के लिए फ्रेम तैयार कराया और पाइप खरीदे। तेल ले जाने के लिए 15 अगस्त को सफेद रंग का ट्रक खरीदा गया और 17 अगस्त को उसका एफिडेविट तैयार कराया गया। मनोज के इशारे पर आरोपी 18 अगस्त की रात स्टेशन पहुंचे। गेट पर तैनात चौकीदार चमन अली ने गेट खोला। आरपीएफ का दावा है कि स्टेशन मास्टर समेत पांच अन्य रेल कर्मचारी भी मौके पर थे और चोरी में मदद कर रहे थे।
आईओसीएल अधिकारियों की सतर्कता से नाकाम हुई योजना : तेल चोरी की प्रक्रिया चल रही थी, तभी आईओसीएल के जेसीएम प्रवीण कुमार गाड़ी से मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों को देखते ही आरोपी भाग निकले।
बाद में विनीत और चंदन मामले को रफा-दफा कराने के लिए स्टेशन मास्टर से मिलने पहुंचे, जहां आरपीएफ ने उन्हें
पकड़ लिया।
आईओसीएल अधिकारी ने भी स्टेशन मास्टर को मौके पर चोरी करते देखने की पुष्टि की। इसके बाद स्टेशन अधीक्षक गोविंद नारायण मीणा को 25 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया।
मास्टरमाइंड समेत छह आरोपी गिरफ्तार : मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे मनोज जैन उर्फ मोनू ने अदालत से अग्रिम जमानत का आदेश मिलने के बाद आरपीएफ थाना पानीपत में आत्मसमर्पण किया। कानूनी प्रक्रिया और पूछताछ के बाद उसे जांच में अभियुक्त के तौर पर शामिल किया गया।
मनोज से पूछताछ के आधार पर स्टेशन मास्टर, पॉइंट्समैन और अन्य कर्मचारियों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ अन्य संदिग्ध कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
तेल चोरी के प्रयास में शामिल आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अन्य वांछित कर्मचारियों की भूमिका की भी गहनता से जांच हो रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।
-दिनेश कुमार मीणा, प्रभारी, आरपीएफ पानीपत