भोला चौक पर खुले शराब ठेके के विरोध में हरि सिंह चौक व भोला चौक के दुकानदार एकजुट हो गए हैं। दुकानदारों ने वीरवार को रोष स्वरूप मार्केट बंद रखी और हरि सिंह चौक सड़क पर उतरते हुए सरकार व प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। शराब ठेके को बंद करवाने और गलत तरीके से दर्ज किए गए मुकदमे को खारिज करने की मांग को लेकर दुकानदार सड़क पर बैठ गए। कॉलोनी की महिलाओं व पुरुषों ने भी दुकानदारों का समर्थन किया। भारी संख्या में महिलाओं व पुरुषों के एक साथ सड़क पर उतरने के कारण हरि सिंह चौक पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए दूसरे रास्ते का सहारा लेना पड़ा। हालांकि लोगों ने वाहनों के आने-जाने के लिए रास्ता छोड़ा हुआ था। बावजूद इसके रह-रहकर जाम की स्थिति पैदा होती रही।
करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान महिलाओं व पुरुषों ने जिला प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने जानबूझकर पार्षद व अन्य के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने व गिरफ्तार करने की कार्रवाई की है, जो पूरी तरह गलत है। गुस्साए क्षेत्रवासियों ने कहा कि जब तक शराब का ठेका यहां से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। चार घंटे के प्रदर्शन के दौरान दुकानें बंद रहने और रुक-रुककर लगने वाले जाम से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। क्षेत्रवासी राजबीर, सोनू, डॉ. राजेश कुमार, बिजेंद्र, आबिद, रोहताश, अंजली अग्रवाल, कमलेश, रामप्यारी, चमनकली, माया, सरीता, बबली, कश्मीरी समेत सैकड़ों महिलाएं-पुरुष वीरवार को हरिसिंह चौक पर इकट्ठा हुए। सुबह 11 बजे जुटे लोगों ने बताया कि 25 अप्रैल को मोतीराम चौक पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया जा रहा था।
वार्ड-पांच पार्षद वहां मौजूद भी नहीं थे, फिर भी पुलिस ने पार्षद सहित 13 के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। यही नहीं जमानत याचिका लगाने के बाद भी पार्षद की जमानत मंजूर नहीं की गई। लोगों ने कहा कि उन पर पुलिस ने गलत तरीके से झूठे मुकद्दमे दर्ज किए हैं। उन्होंने शराब ठेके में घुसकर कोई तोड़फोड़ नहीं की और ना ही ठेकेदार को बंधक बनाया। उन पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। लोगों ने मांग की है कि उन पर दर्ज मुकद्दमों को खारिज किया जाए, वार्ड पार्षद की जमानत करवाई जाए और रिहायशी क्षेत्र में खुले शराब के ठेके को यहां से हटवाया जाए। लोगों ने कहा कि जब तक शराब का ठेका यहां से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
नहीं पहुंची पुलिस
वीरवार सुबह दुकानदारों द्वारा मार्केट बंद करने और सैकड़ों की संख्या में महिलाओं व पुरुषों के सड़क पर उतरने की जानकारी होने पर भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। क्षेत्र के लोगों ने करीब चार घंटे तक हरि सिंह चौक पर डटे डटे रहे। लोगों ने सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। करीब चार घंटे तक प्रदर्शन के बाद सभी लोग अपने घरों को लौट गए।
जानबूझकर फंसाने के लगाए आरोप
लोगों का कहना है कि 25 अप्रैल को मोतीराम चौक पर शांतिपूर्ण से धरना दिया जा रहा था। वार्ड-पांच पार्षद जयकुमार वहां मौजूद भी नहीं था। आरोप है कि शराब ठेकेदार ने पुलिस के साथ साठ-गांठ करके उसके खिलाफ झूठा केस दर्ज करवा दिया। लोगों ने कहा कि भोला चौक पर भी प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं की। शराब ठेकेदार ने जानबूझकर उन्हें फंसाने के लिए झूठे आरोप लगाए हैं।
कॉलोनीवासियों की मांगे
-भोला चौक पर खोले गए शराब के ठेके को यहां से हटवाया जाए।
-वार्ड पार्षद व क्षेत्र की महिलाओं व पुरुषों पर गलत तरीके से दर्ज किए गए मुकदमे को रद्द किया जाए।
-वार्ड पार्षद की जमानत याचिका मंजूर की जाए।
-शराब का ठेका रिहायशी क्षेत्र से दूर खोला जाए।
यह है मामला
25 अप्रैल को भोला चौक पर खुले शराब के ठेके के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया था। आरोप है कि महिलाओं ने शराब ठेके पर ताला जड़ते हुए ठेकेदार को बंधक बना लिया था। मौके पर पहुंची थाना शहर पुलिस व कॉलोनी के लोग आमने-सामने हो गए थे। थाना शहर पुलिस ने इस मामले में वार्ड-पांच पार्षद जयकुमार समेत 12 महिलाओं व पुरुषों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
हरिसिंह चौक पर वीरवार को मार्केट बंद कर प्रदर्शन करने की सूचना उनके पास नहीं है। कॉलोनी के लोग पिछले कुछ दिनों से भोला चौक पर खुले शराब के ठेके का विरोध कर रहे हैं। शराब ठेकेदार को बंधक बनाने के आरोप में कुछ लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था।
सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना शहर, पानीपत।