पानीपत/मतलौडा। पंचायत विभाग ने मतलौडा खंड के सात ग्राम सचिव को निलंबित कर दिया है। वे पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। विभाग ने पूर्व में सूचना देने के बाद भी बैठक में न पहुंचने पर ये कार्रवाई की है। एक साथ सात ग्राम सचिव को निलंबित करने पर पंचायत विभाग के कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है।
गांवों में विकास कार्यों के लिए सोमवार को जिला सचिवालय में ग्राम सचिव की बैठक बुलाई थी। पंचायत विभाग ने इस संदर्भ में आठ मई को सभी ग्राम सचिव को पत्र लिखा था। इसके लिए ग्राम पंचायत के विकास कार्य, समस्या व सुझाव भी मांगे गए थे। इन बैठकों में सरंपच के साथ संबंधित ग्राम सचिव व जेई को व्यक्तिगत रूप से हाजिर रहना सुनिश्चित किया था। उपायुक्त ने सोमवार को बैठक ली। इसमें पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार पहुंचे। उन्होंने गांवों में विकास कार्यों पर चर्चा की। इसके साथ कई गांवों के ग्राम सचिव नहीं मिले। मंत्री ने इस पर नाराजगी जताई। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि सबको बैठक के बारे में अवगत करा दिया था। इसके साथ उनको प्रस्ताव व सुझाव के साथ शामिल होने बारे कहा था। उपायुक्त ने जिला परिषद की सीईओ डॉ. किरण सिंह को गैरहाजिर ग्राम सचिव को निलंबित करने के आदेश दिए। जिला परिषद की सीईओ ने रिपोर्ट लेकर ऐसे सात ग्राम सचिव को निलंबित करने के आदेश जारी किए। ब्यूरो
निलंबित कर मुख्यालय अटैच किया
जिला परिषद की सीईओ ने ग्राम सचिव को निलंबित कर मुख्यालय अटैच कर दिया है। ग्राम सचिव सुदीप का मुख्यालय खंड पानीपत अटैच किया है। ग्राम सचिव आनंद को भी पानीपत में लगाया है। नफे सिंह को बापौली खंड, सचिन को बापौली, मनीष को सनौली, नवीन को सनौली और सुखविंद्र को समालखा खंड में अटैच किया है।
वर्जन :
मतलौडा खंड के सात ग्राम सचिव बैठक में शामिल नहीं हुए। उनको आदेशानुसार निलंबित कर दिया है। इस तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
डॉ. किरण सिंह, सीईओ, जिला परिषद।